मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में आने वाले हर प्रवासी कामगार और श्रमिकों को रोजगार मिले, उनकी बराबर सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित हो, इसके लिए माइग्रेशन कमीशन का गठन किया जा रहा है. कोरोना महामारी के इस संक्रमण काल में हर प्रवासी को सुरक्षित लाना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता है.
मुख्यममंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों को ईद की बधाई देते हुए जिला प्रशासन को सहयोग करने का निर्देश भी दिया है. साथ ही यह अपील की कि ईद की नमाज घरों में पढ़ी जाए. सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन न हो. यह जानकारी रविवार को लोकभवन में कोरोना वायरस के संबंध में किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने पत्रकारों को दी.
अपर मुख्य सचिव गृह ने कहा कि रविवार को टीम 11 के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी कामगारों और श्रमिकों की वापसी और प्रदेश में ईद के संबंध में की गई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सख्त हिदायत दी. उन्होंने बताया कि सीएम योगी ने निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर वेंटिलेटर, पीपीई किट, मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. हर जनपद में एनेस्थेसियोलॉजिस्ट की उपलब्धता की भी समीक्षा कर ली जाए. उन्होंने बताया कि सीएम योगी के निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एल—1, एल—2 और एल—3 अस्पतालों में बेड्स की संख्या में बड़ा इजाफा किया है. अब इन अस्पतालों को 78 हजार से अधिक बेड्स से लैस कर दिया गया है. आने वाले दिनों में इसे एक लाख तक करने का प्रयास किया जा रहा है.
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गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि अबतक 23 लाख कामगार और श्रमिकों की वापसी हुई है. इसे देखते हुए सीएम योगी ने स्वास्थ्य विभाग की टेस्टिंग क्षमता को और बढ़ाने का निर्देश देते हुए इसे प्रतिदिन 10 हजार सैंपल टेस्ट करने को कहा है. हालांकि विभाग की ओर से प्रतिदिन लगभग 7 हजार से अधिक टेस्ट किए जा रहे हैं. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि प्रदेश में आने वाले हर कामगार और श्रमिकों को होम क्वारनटीन में भेजने से पहले उन्हें राशन दिया जाए. उनकी स्किलिंग का डेटा लेने के बाद उनकी स्क्रिनिंग की जाए. यह भी निर्देश दिया कि जब तक व्यक्ति 14 दिन की अपनी क्वारनटीन की अवधि खत्म करे, उससे पहले उस व्यक्ति को भरण पोषण भत्ता के रूप में 1 हजार रुपये दे दिया जाए. सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि स्किल मैपिंग में मिले डेटा के आधार पर श्रमिकों और कामगारों को अलग-अलग सेक्टरों में लगाने का प्रयास शुरू कर दिया जाए.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के लिए लगातार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि रविवार 12 बजे तक 1113 ट्रेन आ गई हैं. इनमें 14 लाख 88 हजार लोग आए हैं. उन्होंने बताया कि दो से तीन दिनों के अंदर 103 ट्रेनें और आने वाली हैं. इसके अतिरिक्त भी ट्रेनों के आने की सहमति दी गई है. इस प्रकार 1321 ट्रेनों की व्यवस्था कर दी गई है. 1321 ट्रेनों के माध्यम से 18 लाख लोग यूपी में आ जाएंगे. उन्होंने बताया कि हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड से बसों को चलाया जा रहा है. इन बसों के माध्यम से भी 2 लाख 43 हजार लोग आए हैं.
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मास्क नहीं पहनने वालों को जुर्माना किया जाए, साथ ही मौके पर ही उन्हें दो मास्क भी दिए जाएं. उन्होंने बताया कि मास्क नहीं पहनने पर अबतक प्रदेश में 8 हजार लोगों का जुर्माना किया गया है. क्वारनटीन किए जाने वाले हर व्यक्ति के हर सामान जैसे बैग, मोबाइल, चार्जर को भी डिसइनफेक्ट किया जाएगा. इतना ही नहीं, जब वह व्यक्ति क्वारनटीन से निकलेगा तो उस समय भी उसके सामान को डिसइनफेक्ट करने का निर्देश जारी किया गया है.
प्रदेश में अबतक 2493 एक्टिव केस
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में 11 मई से ही प्रदेश में एक्टिव केस कम है और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या अधिक होने का क्रम जारी है. उन्होंने बताया कि वर्ममान में 2493 एक्टिव केस हैं. उपचार के बाद 3433 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं और उन्हें घर भेज दिया गया है. हालांकि अबतक 155 लोगों की मौत भी हुई है. उन्होंने बताया कि शनिवार को 7575 सैंपलों की टेस्टिंग की गई. उन्होंने बताया कि शनिवार को 5—5 सैंपलों के 892 पूल और 10—10 सैंपलों के 202 कुल 1094 पूल टेस्ट किए गए, जिनमें से 172 पूल पॉजिटीव मिले. अबतक आइसोलेशन में 2686 लोगों को और क्वारनटीन में 10540 लोगों को रखा गया है.
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के सर्विलांस में 90 हजार 408 टीमें लगी रहीं. इन टीमों ने 71 लाख 57 हजार 288 घरों का सर्वेक्षण किया. साथ ही 3 करोड़ 58 लाख 88 हजार 600 लोगों की जांच भी की गई. उन्होंने बताया कि प्रदेश में काफी संख्या में प्रवासी कामगार और श्रमिकों की वापसी हुई है. सभी को होम क्वारनटीन में 21 दिनों तक रहने के लिए कहा गया है. होम क्वारनटीन में रहने वालों की जांच के लिए आशा वर्कर को भी तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि आशा वर्कर द्वारा अबतक 8 लाख 07 हजार 147 लोगों की जांच की गई है. जांच के दौरान 873 लोगों के अंदर लक्षण मिले जिनका उपचार किया जा रहा है.
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि आरोग्य सेतु एप से स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम द्वारा 32 हजार 91 फोन कॉल किए गए. बातचीत के बाद लक्षणों के आधार पर इनमें से 1099 लोगों को क्वारनटीन किया गया. जबकि 88 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए जिनमें से 47 ठीक होकर घर चले गए हैं. प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में अब सरकारी और नीजि अस्पतालों में आपातकालीन सेवा शुरू कर दी गई है. हालांकि सामान्य ओपीडी अभी बंद हैं लेकिन सर्जरी से संबंधित ओपीडी को शुरू कर दिया गया है.
कुमार अभिषेक