ललित मोदी को मदद पर हुए विवाद के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मंगलवार को पहली बार मीडिया के सामने आईं. लेकिन उनकी बात कैलाश मानसरोवर यात्रा तक ही सीमित रही और विवाद पर उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा.
विषय मानसरोवर कैलाश यात्रा का था, पर उम्मीद थी कि उस विवाद पर भी कुछ बोलेंगी जिसने केंद्र की मोदी सरकार को एक बड़ी मुश्किल में डाल दिया है. लेकिन सुषमा स्वराज नहीं बोलीं.
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक रास्ते के लिए चीन से बात की है और यात्री इस सफर को संभव बनाने के लिए मन ही मन में चीन को भी धन्यवाद दे रहे होंगे.
छोटी सी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुषमा एक अनुभवी राजनेता की तरह मुस्कुराती रहीं. बहरहाल सुषमा के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी विपक्ष हमले कर रहा है. शाम 4 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली और गृह मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर को विशेष पैकेज पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. पर वहां उन्हें ललित मोदी प्रकरण पर मीडिया के तीखे सवालों का सामना भी करना पड़ सकता है.
उधर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने विवाद के पीछे बीजेपी की अंदरूनी साजिश के शगूफे को हवा देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं.
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