निर्भया के दोषी की फांसी से पहले तलाक? पत्नी की याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई

अक्षय की पत्नी पुनीता ने अदालत में दाखिल अर्जी में लिखा है कि मेरे पति को सजा-ए-मौत दी जानी है. जबकि मेरे पति निर्दोष हैं. ऐसे में मैं अपनी जिंदगी एक दुष्कर्मी पति की विधवा बनकर नहीं गुजार सकती, लिहाजा मुझे कानूनी तौर पर पति की मौत से पहले ही तलाक दिलवाया जाए.

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दोषी फांसी के फंदे से बचने के लिए कई तरीके आजमा रहे हैं (अक्षय की फाइल फोटो-IANS) दोषी फांसी के फंदे से बचने के लिए कई तरीके आजमा रहे हैं (अक्षय की फाइल फोटो-IANS)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST

  • 20 मार्च, 2020 को मुकर्रर की जा चुकी है फांसी
  • उससे एक दिन पहले कोर्ट में तलाक पर सुनवाई

देश को झकझोर देने वाले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले के दोषी फांसी के फंदे से बचने के लिए कई तरीके आजमा रहे हैं. अब चार दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह की पत्नी पुनीता ने स्थानीय परिवार न्यायालय में अर्जी देकर पति से तुरंत तलाक दिलाने की मांग की है. उसने कहा है कि वह विधवा के तौर पर अपनी जिंदगी नहीं गुजार सकती.

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बिहार में औरंगाबाद जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के लहंगकरमा गांव की रहने वाले अक्षय की पत्नी पुनीता ने औरंगाबाद परिवार न्यायालय के जज रामलाल शर्मा की अदालत में तलाक की अर्जी दी है. इस अर्जी पर आज (गुरुवार) सुनवाई होनी है. जबकि दिल्ली के तिहाड़ जेल में आरोपी अक्षय को फांसी पर लटकाने की तारीख 20 मार्च, 2020 मुकर्रर की जा चुकी है.

अक्षय की पत्नी पुनीता ने अदालत में दाखिल अर्जी में लिखा है, "मेरे पति को सजा-ए-मौत दी जानी है. जबकि मेरे पति निर्दोष हैं. ऐसे में मैं अपनी जिंदगी एक दुष्कर्मी पति की विधवा बनकर नहीं गुजार सकती, लिहाजा मुझे कानूनी तौर पर पति की मौत से पहले ही तलाक दिलवाया जाए." वहीं औरंगाबाद में मीडिया से बातचीत में पुनीता के वकील मुकेश कुमार सिंह ने कहा, "मेरी मुवक्किल (अक्षय कुमार सिंह की पत्नी पुनीता सिंह) पीड़ित महिला का यह मौलिक और कानूनी अधिकार है. इसीलिए मैंने उसकी तरफ से परिवार न्यायालय में तलाक की अर्जी दाखिल की है." वकील ने कहा, "पीड़ित महिला का यह कानूनी अधिकार है कि वह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत कुछ विशेष हालातों में तलाक मांग सकती है. इसमें दुष्कर्म का मामला भी बनता है."

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ये भी पढ़ें: निर्भया के दोषियों का नया पैंतरा, फांसी के खिलाफ फिर लगाई दया याचिका

अक्षय कुमार सिंह बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला है. उसने तिहाड़ जेल प्रशासन को अब दुबारा से दया याचिका दी है. अक्षय की ओर से दोबारा दया याचिका दिए जाने की पुष्टि दिल्ली जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने की है. डीजी जेल ने कहा, "अक्षय ने यह दूसरी बार दया याचिका जेल प्रशासन को दी है. दया याचिका उसने दोपहर बाद जेल अथॉरिटीज को दी थी." जेल महानिदेशक के मुताबिक, अक्षय की ओर से मिली दया याचिका भारत के राष्ट्रपति को संबोधित है. जेल प्रशासन इस दया याचिका को दिल्ली सरकार के जरिये केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने की व्यवस्था कर रहा है.

ये भी पढ़ें: निर्भया के दोषी मुकेश को दिल्ली HC से झटका, फांसी रोकने की मांग खारिज

इसी के साथ दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्भया के दोषी मुकेश की याचिका को खारिज कर दिया था. निर्भया के दोषी मुकेश ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए अपनी फांसी की सजा पर रोक लगाने की मांग की थी. इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषी मुकेश की याचिका को खारिज कर दिया था.

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