नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विरोधियों पर लोगों के बीच डर फैलाने और नागरिकता संशोधन कानून पर मुस्लिमों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं में कभी भी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया.
मोदी ने कहा, 'मैं सभी देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं, इन लोगों (विपक्ष) की साजिशों के बावजूद आपका ये सेवक देश के लिए, देश की एकता के लिए, शांति और सद्भाव के लिए जो भी बन सकेगा, करेगा. उससे मैं कभी पीछे नहीं हटूंगा.'
कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये लोग अपने स्वार्थ के लिए, अपनी राजनीति के लिए किस हद तक जा रहे हैं, ये आपने पिछले हफ्ते भी देखा है. जो बयान दिए गए, झूठे वीडियो, उकसाने वाली बातें कही गईं, उच्च स्तर पर बैठे लोगों ने सोशल मीडिया में भ्रम और आग फैलाने का गुनाह किया है.
कांग्रेस पर पीएम मोदी का हमला
वोट बैंक की राजनीति करने वाले और खुद को भारत का भाग्य विधाता मानने वाले, आज जब देश की जनता द्वारा नकार दिए गए हैं, तो इन्होंने अपना पुराना हथियार निकाल लिया है- बांटों, भेद करो और राजनीति का उल्लू सीधा करो. ये लोग सोचते थे कि खुद ही सरकार हैं. उनको लगता था कि देश उनके इशारे पर चलता है.
झूठ बेचने वाले, अफवाह फैलाने वाले इन लोगों को पहचानने की ज़रूरत है. ये दो तरह के लोग हैं. एक वो लोग जिनकी राजनीति दशकों तक वोटबैंक पर ही टिकी रही है. दूसरे वो लोग जिनको इस राजनीति का लाभ मिला है. ये सोचते थे कि वो जो इतिहास बताएंगे, वही सच मान लिया जाएगा, वो जो भविष्य बताएंगे, उसी को ही भारत का भाग्य मान लिया जाएगा.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला
पीएम मोदी ने कहा, 'मनमोहन सिंह जी ने संसद में खड़े होकर कहा था कि हमें बांग्लादेश से आए उन लोगों को नागरिकता देनी चाहिए जिनका अपनी आस्था की वजह से वहां पर उत्पीड़न हो रहा है, जो वहां से भाग कर भारत आ रहे हैं.'
असम के पूर्व मुख्यमंत्री, तरुण गोगोई पर हमला
पीएम मोदी ने कहा, 'एक दौर था जब असम के पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के दिग्गज नेता तरुण गोगोई जी भी चिट्ठियां लिखा करते थे, असम कांग्रेस में प्रस्ताव पास हुआ करते थे कि जिन लोगों पर बांग्लादेश में अत्याचार हो रहा है, जो वहां से हमारे यहां आ रहे हैं, उनकी मदद की जाए.'
राजस्थान के गृहमंत्री अशोक गहलोत पर हमला
पीएम मोदी ने कहा, 'राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी मांग करते थे कि जो हिंदू या सिख पाकिस्तान से भागकर यहां आए हैं, उनकी स्थिति सुधारी जाए.'
सीएम ममता बनर्जी पर हमला
पीएम मोदी ने कहा, 'आज ममता दीदी, कोलकाता से सीधे संयुक्त राष्ट्र पहुंच गई हैं. लेकिन कुछ साल पहले तक यही ममता दीदी संसद में खड़े होकर गुहार लगा रहीं थीं कि बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों को रोका जाए, वहां से आए पीड़ित शरणार्थियों की मदद की जाए.'
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वाम दलों पर हमला
पीएम मोदी ने कहा, 'आज जिस वामपंथ को भारत की जनता नकार चुकी है, जो अब समाप्ति पर है, उसी के दिग्गज नेता प्रकाश करात ने भी धार्मिक उत्पीड़न की वजह से बांग्लादेश से आने वालों को मदद की बात कही थी.'
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर पर हमला
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग CAA को गरीबों के खिलाफ बता रहे हैं, कह रहे हैं कि जो लोग आएंगे वो यहां के गरीबों का हक़ छीन लेंगे. अरे झूठ फैलाने से पहले कम से कम गरीबों पर तो दया करो भाई. पाकिस्तान से जो शरणार्थी आए हैं उसमें से अधिकतर दलित परिवार से हैं. वहां आज भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार होता है. वहां बेटियों के साथ अत्याचार होता है, जबरन शादी करके उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है.
ये इसलिए किया जाता है कि उनकी आस्था, पूजा पद्धति अलग है. ऐसे शोषण के कारण ही वो भारत आए और देश के अलग-अलग कोनों में रह रहे हैं. मैं दलित राजनीति करने का दावा करने वालों से भी पूछना चाहता हूं कि आप इतने वर्षों से चुप क्यों थे, आपको इन दलितों की तकलीफ कभी क्यों नहीं दिखाई दी.
आज जब इन दलितों के जीवन की सबसे बड़ी चिंता दूर करने का काम मोदी सरकार कर रही है तो आपके पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे हैं?
पीएम मोदी ने सभी विपक्षी दलों पर हमला करते हुए कहा कि आज जब इन्हीं लोगों के राजनीतिक दल, धार्मिक उत्पीड़न की वजह से भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देने से मना कर रहे हैं, तो इनका असली चेहरा भी देश के लोगों के सामने आ रहा है. उस समय की हमदर्दी सिर्फ बहाना था, देश की जनता के साथ बोला गया सफ़ेद झूठ था.
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इस सवाल के जवाब में कंफ्यूजन
एक सवाल था जिसका जवाब अब तक नहीं मिल पाया कि अगर किसी मुस्लिम व्यक्ति का नाम एनआरसी (राष्ट्रीय नागरकि रजिस्टर) में नहीं हो तो उसका क्या होगा? क्योंकि इन्हें CAA के तहत नागरिकता नहीं मिलेगी.
हालांकि पीएम मोदी ने एनआरसी को पूरे देश में लागू करने की बात को ही खारिज कर दिया है. उन्होंने रविवार को मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता में जब से बीजेपी आई है उसने कभी भी एनआरसी लाने की बात नहीं कही है. असम में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इसे लागू करना पड़ा था. वहीं गृह मंत्री अमित शाह इस बयान के उलट दोनों सदनों में स्पष्ट कर चुके हैं कि हर हाल में एनआरसी लागू किया जाएगा.
दीपक सिंह स्वरोची