IPS अफसर और जम्मू कश्मीर के ट्रैफिक चीफ बसंत रथ 10 जनवरी को भुवनेश्वर में इंडिया टुडे माइंड रॉक्स 2019 इंवेंट में शामिल हुए. जहां उन्होंने युवाओं को शिक्षा और लैग्वेंज स्किल्स के बारे में बताया.
46 साल के बसंत रथ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र हैं. उन्होंने बताया कि जब वह अपनी जेनएयू में पढ़ाई कर रहे थे, तब सही से इंग्लिश भाषा नहीं बोेल सकते थे. वह नहीं जानते थे कि इंग्लिश कैसे बोलनी है. वहीं आज आईपीएस और जम्मू कश्मीर के ट्रैफिक चीफ बसंत रथ सोशल मीडिया पर अपनी सीधी बात और बेबाक पोस्ट के लिए जाने जाते हैं.
चप्पल पहन कर की थी ग्रेजुएशन, नहीं थे जूते खरीदने के पैसे: बसंत रथ
अंग्रेजी सिर्फ 'चलने' की तरह है.
बसंत रथ ने लैग्वेंज स्किल्स पर कहा कि इंग्लिश भाषा 'चलने' के समान है. जब आप पैदा होते हैं तब आपको नहीं मालूम कि आप कैसे चलोगे, आप सीखते हैं. इसी के साथ रथ ने बताया इंग्लिश सिर्फ एक भाषा है इसे आप बोल सकते हैं, लेकिन इससे सीख नहीं सकते. इंग्लिश बोलने का मतलब ये नहीं है कि आप एक अच्छे इंसान बन गए हैं.
यहीं नहीं उन्होंने कई उदाहरणों के साथ अपनी बात को विस्तार से बताया और लोगों को समझाया. जहां उन्होंने सलमान खान, विजय माल्या के उदाहरण दिए. उन्होंने कहा कि आज सलमान खान कितनी भी अच्छी अंग्रेजी क्यों न बोल दें. लेकिन फिर भी वे एक बुरे ड्राइवर ही रहेंगे. वहीं विजय माल्या कितनी भी अच्छी अंग्रेंजी क्यों न बोल ले देश उसे भगौड़े के तौर पर ही जानेगा.
चप्पल पहन कर की थी ग्रेजुएशन
बसंत रथ ने बताया उन्होंने अपनी कॉलेज लाइफ में जूते नहीं पहने. उन्होंने बताया कि ग्रेजुएशन के दौरान वह 18 से 20 रुपये की बाटा की चप्पल पहनते थे. उस दौरान उनके पास दो जोड़ी जूते खरीदने के पैसे नहीं थे.
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आपको बता दें, सेशन के दौरान उन्होंने उन युवाओं को टिप्स भी दिए हैं जो भविष्य में IAS और IPS बना चाहते हैं. उन्होंने कहा- सुबह जल्दी उठना, सोशल मीडिया से दूर रहना और हमेशा अपने माता- पिता कि इज्जत करना.
साथ ही रथ ने बताया कि जीवन में शिक्षा का काफी महत्व है. आगे शिक्षा ही काम आती है. उन्होंने युवाओं को सलाह देते हुए कहा, उन्होंने कहा सिर्फ टॉपर्स के पीछे न भागे. ऐसे लोगों से सलाह लें जो अपने काम को पूरी मेहनत और लगन से करते हों.
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