जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में हिंसा के बाद साबरमती हॉस्टल के वरिष्ठ वार्डन आर. मीणा ने इस्तीफा दे दिया है. अपने इस्तीफे में आर. मीणा ने लिखा कि मैंने हॉस्टल की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए, लेकिन असफल रहा. इस वजह से मैं इस्तीफा दे रहा हूं. बता दें, रविवार को 50 नकाबपोश बदमाशों ने साबरमती हॉस्टल में घुसकर तोड़फोड़ की और छात्रों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें 30 से अधिक छात्र-छात्रा घायल हुए थे.
जेएनयू कैंपस में रविवार को छात्रों पर हमला करने के मामले में सोमवार को दिल्ली पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है. दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एम.एस. रंधावा ने कहा, "हमने एक एफआईआर दर्ज की है." रविवार को यहां परिसर में चेहरा छिपाकर आए सैकड़ों लोगों ने छात्रों और शिक्षकों पर लकड़ी और लोहे की छड़ों से हमला कर दिया था. हालांकि हिंसा में घायल हुए लोगों की संख्या के बारे में पता नहीं चल सका है, लेकिन छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत गंभीर हालत में कई छात्र अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हुए हैं.
जेएनयू छात्र संघ ने दावा किया है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने हिंसा को अंजाम दिया है. वहीं, एबीवीपी ने लेफ्ट विंग पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. इस हिंसा में दो दर्जन से ज्यादा छात्रों के घायल होने की खबर है. जेएनयू में फीस बढ़ोतरी को लेकर लंबे समय से प्रोटेस्ट चल रहा है. बताया जा रहा है कि शनिवार को जेएनयू छात्र संघ ने सर्वर रूम को लॉक कर दिया था इसको लेकर एबीवीपी और लेफ्ट विंग के स्टूडेंट्स में हल्की झड़प हुई थी. रविवार को जेएनयू छात्र संघ की ओर से साबरमती हॉस्टल से मार्च निकाला जाना था. इस दौरान यहां हिंसा हुई.
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