विराट कोहली के मुताबिक अश्विन में अच्छा ऑलराउंडर बनने के सारे गुण

भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने रविचंद्रन अश्विन की बल्लेबाजी क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में जिस आलराउंडर की तलाश है वह तमिलनाडु का यह स्पिनर पूरी कर सकता है.

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विराट कोहली (फाइल फोटो) विराट कोहली (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • चेन्नई,
  • 03 अगस्त 2015,
  • अपडेटेड 11:24 AM IST

भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने रविचंद्रन अश्विन की बल्लेबाजी क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि भारतीय टीम को टेस्ट क्रिकेट में जिस आलराउंडर की तलाश है वह तमिलनाडु का यह स्पिनर पूरी कर सकता है.

भज्जी, अश्विन, भुवी कर लेते हैं अच्छी बैटिंग
कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए रवाना होने से पहले कहा, 'अश्विन, भुवी और भज्जी तीनों अच्छी बल्लेबाजी कर लेते हैं. अश्विन का टेस्ट औसत 40 है और मुझे ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता जिससे यह कहा जा सके कि वह हमारे लिये ऑलराउंडर नहीं बन सकता. यह चुनौती है, लोगों को कोई लक्ष्य देना ओर उन्हें टीम की जरूरत के हिसाब से खास पहुलुओं पर सुधार करने के लिये कहना.'

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हमारा लक्ष्य 20 विकेट हासिल करना
कोहली ने इस बात पर जोर दिया कि वह 20 विकेट लेकर टीम को जीत का मौका देने के लिये पांच गेंदबाजों के साथ खेलना पसंद करेंगे और सीरीज के दौरान तीन स्पिनरों को भी उतारा जा सकता है. उन्होंने कहा, 'आपको टेस्ट मैच जीतने के लिये मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के साथ खेलना पड़ता है और यह अधिक आकर्षक और संतोषप्रद होता है. हां इसकी (तीन स्पिनरों के साथ खेलना) संभावना है. हमारा लक्ष्य 20 विकेट हासिल करना है. मेरा मानना है कि यदि आपको इसके लिये टीम को मौका देना है तो अपने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के साथ खेलना होगा. पांच गेंदबाजों के साथ खेलने का मतलब है कि शीर्ष क्रम के छह बल्लेबाजों को अधिक जिम्मेदारी उठानी होगी.'

खास रणनीतियां आजमाने का मौका मिलेगा
कोहली ने इसके साथ यह भी कहा कि श्रीलंका सीरीज से उन्हें अपनी कुछ खास रणनीतियों को आजमाने का सही मौका भी मिलेगा. उन्होंने कहा, 'यह किसी खास सीरीज के लिये खास रणनीति अपनाने का मौका है. असल में इन तीन टेस्ट मैचों के आधार पर खुद का आंकलन करना और यह पता करना कि वास्तव में हमने कितनी बार वैसा किया जैसा हम चाहते थे. मुझे लगता है कि एकमात्र टेस्ट मैच में आपको यह मौका नहीं मिलता है. आपको एक सप्ताह या दस दिन तैयारी करनी होती और यह मैच पांच दिन चलता है. आपको तुरंत सुधार करके अगले मैच में उतरना होता है. मेरे लिए कप्तान के रूप में पहली पूरी सीरीज खेलना निजी तौर पर यह काफी रोमांचक है. हम टीम के रूप में जो रणनीति अपनाना चाहते हैं उनको लागू करने का मौका मिलेगा.'

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विजय की फिटनेस कोई मसला नहीं
कोहली ने मुरली विजय की फिटनेस को लेकर चिंता को भी नकार दिया. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि विजय की फिटनेस कोई मसला है. वह ऐसा खिलाड़ी है जो शीर्ष क्रम में हमारे लिये बहुत ठोस बल्लेबाज है. पिछले डेढ़ साल में उसने अपने खेल में बहुत सुधार किया है. वह हमें ठोस शुरूआत देता है. क्रिकेट में हल्की फुल्की चोट लगती रही हैं. मेरा मानना है कि खिलाडि़यों को इन छोटी चोटों से उबरने के लिये विश्राम का समय भी मिलना चाहिए. जहां तक विजय की बात है तो वह लगभग पूरी तरह फिट है. मुझे विश्वास है कि वह मैच फिट होगा.' भारतीय कप्तान को खुशी है कि शीर्ष क्रम में के एल राहुल और शिखर धवन के होने से कंपटीशन है. उन्होंने कहा, 'जहां तक ओपनिंग को लेकर कंपटीशन की बात है तो यह काफी कड़ी है. राहुल बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा है जबकि शिखर लगातार अच्छा प्रदर्शन करता रहा है.'

रोहित को और मौके मिलने चाहिए
कोहली ने रोहित शर्मा के टेस्ट मैचों में लगातार लचर प्रदर्शन का भी बचाव किया. उन्होंने कहा, 'हम रोहित को प्रभावशाली खिलाड़ी मानते हैं. वनडे में वह शीर्ष क्रम में खेलता है और लेकिन जब टेस्ट क्रिकेट की बात आती है तो पहलू बदल जाते हैं. वह टेस्ट मैचों में छठे नंबर पर आता है. मेरा मानना है कि यदि वह चलने लगा तो एक सत्र में विरोधी टीम के हाथ मैच छीन लेगा. ऑस्ट्रेलिया में जब वह तीसरे नंबर पर खेला था तो उसने अच्छा प्रदर्शन किया था. मुझे लगता है कि उसे अधिक अवसर देने की जरूरत है। जब वह अपने बल्लेबाजी क्रम में अच्छी तरह से सेट हो जाएगा तो उसे बताया जाएगा कि हमें मध्यक्रम में ऐसे बल्लेबाज की जरूरत है जो रन रेट बनाए रखे.

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इनपुट: भाषा

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