सोशल मीडिया पर एक विचलित कर देने वाली तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें देखा जा सकता है कि खून से लथपथ कई सारे शव एक साथ जमीन पर पड़े हैं. इस तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना कश्मीर में मुसलमानों के साथ इस तरह का अत्याचार कर रही है.
फेसबुक पेज “Life News ” ने यह तस्वीर शेयर करते हुए इसके साथ अंग्रेजी में कैप्शन लिखा है, जिसका हिंदी अनुवाद कुछ इस तरह होगा: “कैसे भारतीय सेना हमारे मुसलमानों को मार रही है. कश्मीर में हमारे मुसलमान भाइयों और बहनों को प्रताड़ित किया जा रहा है.” हालांकि, बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि फोटो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये तस्वीर वेनेजुएला की है, जहां पिछले महीने एक जेल के अंदर दंगा भड़कने के बाद करीब 50 कैदियों को सुरक्षा बलों ने गोली मार दी थी.
गलत दावे के साथ यह पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है. पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है.
हमारी पड़ताल
Yandex की मदद से रिवर्स सर्च करने पर हमने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर 7 मई, 2020 को वेनेजुएला की एक न्यूज वेबसाइट “Que Pasa ” पर प्रकाशित आर्टिकल में इस्तेमाल हुई है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वेनेजुएला के गुआनेर शहर की एक जेल में कैदियों और पुलिस के बीच मारपीट में 40 से अधिक लोग मारे गए. इसमें कुछ सुरक्षा अधिकारी भी घायल हुए थे.
बाद में इस घटना में मरने वालों की संख्या 47 पहुंच गई, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे और ज्यादातर लोगों को गोली लगी थी.
न्यूज वेबसाइट “PanAm Post ” ने भी वायरल तस्वीर से मिलती-जुलती तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए इस घटना के बारे में यही सूचना दी है. यह घटना 1 मई को घटी थी.
सोशल मीडिया के हवाले से एक अन्य न्यूज वेबसाइट “En Son Haber ” ने कहा कि झड़प के दौरान भागने का प्रयास करते हुए कैदी मारे गए.
कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इस घटना के बारे में खबर प्रकाशित की थी. “द गार्जियन ” के मुताबिक, जेल में झड़प की शुरुआत तब हुई जब एक कैदी ने मांग की कि उसके रिश्तेदारों को उसके लिए खाना पहुंचाने की इजाजत दी जाए.
इस तरह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वायरल हो रही पोस्ट भ्रामक है और यह तस्वीर भारत की नहीं, बल्कि वेनेजुएला की है.
फैक्ट चेक ब्यूरो