हैदराबाद के साइबराबाद की तर्ज पर बिहार का पहला आईटी हब पटना के पास पुनपुन में बनाने का फैसला बिहार सरकार ने किया है. साइबराबाद की तरह बनाए जाने वाले साइबर सिटी को पटना के नए मास्टर प्लान के तहत बनाने का फैसला लिया गया है. पुनपुन के पास बनने वाले इस साइबर सिटी को करीब 17.6 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में बनाने की योजना है. एनएच 83 पर पुनपुन में प्रस्तावित साइबर सिटी सेटेलाइट सिटी के साथ जुड़ी हुई होगी और साइबर सिटी के दोनों ओर दो-दो सेटेलाइट टाउनशिप भी बनाई जाएगी.
पिछले गुरुवार को ही बिहार कैबिनेट ने पटना का मास्टर प्लान 2031 पर अपनी मुहर लगायी थी. मास्टर प्लान 2031 के अंदर 30 से 40 जोनल प्लान बनाने की भी योजना है. ऐसे में अब सरकार को भरोसा है कि कैबिनेट से मास्टर प्लान के पास हो जाने के बाद से 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाले भवनों के निर्माण का रास्ता भी साफ हो जाएगा. एनजीटी ने पटना में 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र वाले भवनों के निर्माण पर रोक लगा रखी है.
मास्टर प्लान में शहर की बाउंड्री निर्धारित कर दी गयी है. पटना प्लानिंग क्षेत्र का निर्धारण 1167.04 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में होगा. इसमें पटना नगर निगम क्षेत्र के साथ पटना जिला के मनेर, फतुहा, नौबतपुर प्रखंडों के ग्रामीण इलाके को शामिल किया गया है. मास्टर प्लान के अंतर्गत 563 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का विकास किया जायेगा। शेष ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य शहर से जोड़ने के लिए साधनों का विकास किया जायेगा.
महानगर मास्टर प्लान के तहत बिहटा हवाई अड्डा का एयरबेस के साथ-साथ नागरिक उड्डयन के लिए भी उपयोग होगा. इसके लिए सिविल एविएशन के साथ राज्य सरकार की सहमति बन गयी है. उन्होंने बताया कि बिहटा हवाई अड्डा को विकसित किया जायेगा. इसके लिए सरकार 126 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करेगी. इसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दिया जायेगा. इसके साथ -साथ पटना हवाई अड्डा भी पहले की तरह काम करते रहेगा।
विदित हो कि पटना का मास्टर प्लान इससे पहले चार बार बन चुका है लेकिन पारित दो ही बार किया गया। पटना का पहला मास्टर प्लान 1961-81 के लिए बना, इसकी मंजूरी 20 जून 1967 को मिली। दूसरा मास्टर प्लान 1981-2001 के लिए बनाया गया। 25 अगस्त 1990 को पीआरडीए से मंजूरी मिलने के बाद भी राज्य सरकार ने इस मास्टर प्लान की मंजूरी पर अपनी मुहर नहीं लगायी थी। तीसरा मास्टर प्लान 2001-21 के लिए बनाया गया लेकिन इसकी भी मंजूरी राज्य सरकार ने नहीं दी। ये पटना का चौथा मास्टर प्लान है जिस पर बिहार कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है.
सुजीत झा