भारत की तारीफ में उतरा चीन, कहा- दुनिया में बड़ा रोल निभाने में सक्षम

गलवान घाटी में चीन से उपजे विवाद के बाद भारत और अमेरिका की नजदीकी और बढ़ी है. दोनों देश एक दूसरे के समर्थन की बात कर रहे हैं. इससे चीन में बौखलाहट देखी जा रही है.

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चीनी विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया (फाइल फोटो) चीनी विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 9:21 AM IST

  • 'भारत क्षेत्रीय शांति कायम करने में सक्षम'
  • 'भारत की अपनी स्वतंत्र राजनयिक नीति'

भारतीय विदेश मंत्री के 'गुट निरपेक्ष' वाले बयान पर चीनी विदेश मंत्रालय ने अपना वक्तव्य जारी किया है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि भारत को चीन दुनिया में अहम भूमिका निभाने वाला देश मानता है जो अपनी एक स्वतंत्र राजनयिक नीति अपनाने में सक्षम है. वेनबिन ने कहा कि भारत क्षेत्रीय शांति कायम करने और वैश्विक मामलों में सकारात्मक रोल अदा करने में सक्षम है. वेनबिग का यह बयान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के उस वक्तव्य के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत कभी भी एलायंस सिस्टम का हिस्सा नहीं होगा.

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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को एक वर्चुअल प्रोग्राम में कहा कि गुट निरपेक्ष होना अब पुरानी बात हो गई है, लेकिन भारत कभी किसी एलायंस सिस्टम का हिस्सा नहीं होगा. चीनी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने योर एशियन टाइम्स के हवाले से यह बात लिखी है. जयशंकर ने यह भी जोर देकर कहा कि बहुपक्षवाद पर सावधानी और निर्भरता का युग समाप्त हो गया है, और देशों को अब गुट निरपेक्षता के बारे में बोलने में अधिक जोखिम उठाने की आवश्यकता है.

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चीन ने भारत की नीतियों की सराहना की है तो इसके पीछे भारत-अमेरिका के लगातार मजबूत हो रहे संबंधों को देखा जा सकता है. अमेरिका आज खुलकर भारत के पक्ष में खड़ा हो गया है जबकि कोरोना के बाद से चीन और अमेरिका में खाई लगातार गहराती जा रही है.

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इस बीच, भारतीय विदेश मंत्री का यह बयान कि वह किसी एलायंस सिस्टम का हिस्सा नहीं बनेगा, चीन को यह बात पसंद आई है. इसी को देखते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत की राजनयिक और कूटनीति को स्वतंत्र और जिम्मेदार बताया है.

गलवान घाटी में चीन से उपजे विवाद के बाद भारत और अमेरिका की नजदीकी और बढ़ी है. दोनों देश एक दूसरे के समर्थन की बात कर रहे हैं. इससे चीन में बौखलाहट देखी जा रही है. लेकिन एस. जयशंकर के बयान के बाद चीन ने भारत की नीतियों का समर्थन करना शुरू किया है.

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