छत्तीसगढ़ में 'मेरा घर, BJP का घर' नामक अभियान को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. कांग्रेस ने इस अभियान को आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है. कांग्रेस ने इस अभियान को तत्काल रोकने की मांग करते हुए भगवा पार्टी के प्रत्याशियों को अयोग्य ठहराने की भी मांग की है.
रायपुर में अपने निजी घर में बीजेपी का झंडा लगाकर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मेरा घर बीजेपी का घर अभियान की शुरुआत की. पार्टी के तमाम नेता मौलश्री विहार स्थित मुख्यमंत्री रमन सिंह के निजी आवास पहुंचे. यहां उन्होंने बीजेपी का झंडा फहराया.
पार्टी के मुताबिक इस अभियान को घर घर पहुंचाया जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि अभियान में छिपे संदेश पार्टी के उद्देश्यों के लिए समर्पण की भावना पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी का यह झंडा कार्यकर्ताओं को चौथी बार सरकार बनाने के लिए प्रेरित करेगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रत्येक कार्यकर्ता सदस्यता लेते ही तन-मन से संगठन का अंग हो जाता है, और उसका प्रत्येक क्षण राष्ट्रहित और जनसेवा जैसे उद्देश्यों के जीवन में बीतता है.
वहीं इधर इस अभियान की शुरुआत हुई, उधर बीजेपी कांग्रेस के निशाने पर आ गई. कांग्रेस के मुताबिक यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है. बीजेपी ने इस तरह के अभियान की शुरुआत के लिए चुनाव आयोग से कोई अनुमति नहीं ली है. यही नहीं कार्यकर्ताओं को चुनावी प्रचार के लिए नियमानुसार अपने घर में झंडा लगाने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी.
कांग्रेस को इस बात को लेकर भी आपत्ति है कि बीजेपी ने जो झंडे कार्यकर्ताओं को सौंपे हैं उनमें ना तो मुद्रा की शील है और ना ही उसकी संख्या का विवरण है. कांग्रेस ने मांग की है कि जिन इलाकों में यह झंडे बैगेर अनुमति के कार्यकर्ताओं के घरों में फहराया जा रहा है. उन इलाकों के बीजेपी प्रत्याशियों को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए. कांग्रेस ने इस बाबत एक शिकायती पत्र चुनाव आयोग को सौंपा है. शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग भी सक्रिय हो गया है. उसने उन घरों का जायजा लेना शुरू का दिया है, जहां मेरा घर BJP का घर अभियान के तहत झंडा फहराया जा रहा है.
सुनील नामदेव / वरुण शैलेश