IPL स्पॉट फिक्सिंगः BCCI ने किया श्रीनिवासन और सुंदर का पुरजोर समर्थन

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की लगातार स्थगित की जा रही वार्षिक आम बैठक (एजीएम) अब 17 दिसंबर को होगी. बीसीसीआई ने इसके साथ ही अपने निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन का पुरजोर समर्थन भी किया, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से गठित जांच समिति ने आईपीएल फिक्सिंग आरोपों से बरी कर दिया है.

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एन श्रीनिवासन एन श्रीनिवासन

aajtak.in

  • चेन्नई,
  • 18 नवंबर 2014,
  • अपडेटेड 1:51 PM IST

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की लगातार स्थगित की जा रही वार्षिक आम बैठक (एजीएम) अब 17 दिसंबर को होगी. बीसीसीआई ने इसके साथ ही अपने निर्वासित अध्यक्ष एन श्रीनिवासन का पुरजोर समर्थन भी किया, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से गठित जांच समिति ने आईपीएल फिक्सिंग आरोपों से बरी कर दिया है.

कार्यकारी समिति की आपात बैठक में यह फैसला किया गया, जिसमें बोर्ड ने आईपीएल सीओओ सुंदर रमन का भी समर्थन किया जिन पर न्यायमूर्ति मुद्गल समिति की जांच रिपोर्ट में सटोरियों के संपर्क में रहने का आरोप लगाया गया है.

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बीसीसीआई ने बयान में कहा, 'कार्यकारिणी ने बीसीसीआई की 85वीं वार्षिक आम बैठक को स्थगित करने का फैसला किया है जो कि पहले 20 नवंबर को होनी थी. यह बैठक अब 17 दिसंबर 2014 को चेन्नई के पार्क शेरटन में होगी.'

बोर्ड ने श्रीनिवासन का साथ देने का फैसला किया जिन्हें इन आरोपों से बरी कर दिया गया है कि उन्होंने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी. बीसीसीआई ने कहा कि श्रीनिवासन के खिलाफ लगाए गए ओराप बोर्ड को अस्थिर करने के उद्देश्य से लगाए गए थे. श्रीनिवासन अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के भी चेयरमैन हैं.

बयान में कहा गया है, 'सदस्यों ने मुद्गल समिति की अंतिम रिपोर्ट के निष्कर्ष पर चर्चा की और उसे लगा कि श्रीनिवासन की तरफ से कुछ भी गलत नहीं किया गया और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उनके ऊपर लगाए गए आरोप आधारहीन हैं और उनका उद्देश्य बीसीसीआई के कामकाज को अस्थिर करना है.' इसके अलावा कार्यकारिणी ने सुप्रीम कोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के संबंध में रमन का पक्ष भी सुना. सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को करेगा.

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बीसीसीआई ने कहा, 'सदस्यों को न्यायमूर्ति मुद्गल समिति की अंतिम रिपोर्ट की कॉपी सौंपी गई और इसके निष्कर्षों पर चर्चा की गई.' इसमें कहा गया, 'सुंदर रमन ने मुद्गल समिति की रिपोर्ट में उनसे संबंधित निष्कर्ष में अपनी भूमिका को लेकर अपना पक्ष रखा. सदस्यों ने उनका पक्ष सुना और फैसला किया कि बोर्ड को सुंदर रमन का समर्थन करना चाहिए. मुद्गल रिपोर्ट में श्रीनिवासन को गंभीर आरोपों से बरी कर दिया गया, लेकिन इसमें उन्हें एक क्रिकेट खिलाड़ी के बारे में खिलाड़ियों की आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी होने के बावजूद उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का दोषी ठहराया. इसके साथ ही उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स के सहमालिक राज कुंद्रा को सट्टेबाजी के लिए दोषी ठहराते हुए टीम में उनकी भूमिकाओं की पुष्टि की है.'

समिति ने रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की कि मयप्पन चेन्नई सुपर किंग्स के अधिकारी थे, जबकि राजस्थान रॉयल्स के मालिक कुंद्रा ने बीसीसीआई-आईपीएल के भ्रष्टाचार निरोधक संहिता का उल्लंघन किया. हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुद्गल की अध्यक्षता वाली इस समिति में अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल एन नागेश्वर राव और वरिष्ठ अधिवक्ता नीलय दत्ता सदस्य थे. समिति ने कहा है कि श्रीनिवासन का दामाद गुरुनाथ मयप्पन मैच फिक्सिंग में नहीं बल्कि सट्टेबाजी में लिप्त थे.

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इनपुटः भाषा से

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