जम्मू कश्मीर को लेकर सऊदी अरब की ओर से समिट बुलाए जाने के फैसले पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है. ओवैसी ने ट्वीट कर कहा है कि पीएम मोदी ने भारतीय मुस्लिमों के मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण कर दिया है.
ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी ने भारतीय मुस्लिमों के मुद्दों का अंतरराष्ट्रीयकरण कर दिया है लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने सऊदी अरब और यूएई के साथ आर्थिक संबंधों का गलत आंका है. मुस्लिम जगत में कश्मीर के अलावा नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर पर चर्चा हो रही है. इसमें नाराज ईरान भी शामिल है.
दरअसल सऊदी अरब पाकिस्तान की मांग पर इस्लामिक को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (OIC) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने को तैयार हो गया है. माना जा रहा है कि इस बैठक में कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी. सऊदी के इस कदम को भारत के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि अरब के देशों से भारत का अहम रिश्ता रहा है. ओवैसी की टिप्पणी को इसी नजरिए से देखा जा रहा है कि भारत के खिलाफ सऊदी अरब जा सकता है, भारत से कूटनीतिक गलती हुई है.
दरअसल मुस्लिम देशों के संगठनों से पाकिस्तान लगातार भारत में मुस्लिमों के धार्मिक उत्पीड़न का झूठा मुद्दा भी उठा रहा है. पाकिस्तान नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(एनआरसी) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों का इस्तेमाल करना चाहता है. पाकिस्तान भारत के खिलाफ लगातार झूठे मुद्दे उठा रहा है.
हाल ही में इमरान ने सऊदी विदेश मंत्री से कहा था कि भारत में मुसलमान मोदी सरकार द्वारा बुरी तरह से प्रताड़ित किए जा रहे हैं. उन्होंने एनआरसी और सीएए पर विस्तार से अपनी बात रखी और कहा कि 'भेदभावपूर्ण कानून के जरिए भारत सरकार अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुसलमानों को हाशिये पर ढकेल रही है और उन्हें बहुत सुनियोजित तरीके से नागरिकता से वंचित करने का प्रयास कर रही है.
इमरान ने कश्मीर का मामला भी बातचीत में उठाया था. जम्मू-कश्मीर विवाद के संबंध में आर्गनाइजेशन आफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) की भूमिका को बढ़ाने पर भी बातचीत की थी. इसके साथ ही इमरान ने नियंत्रण रेखा पर भारत द्वारा संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया. सच्चाई यह है कि पाकिस्तान लगातार भारत के सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलीबारी कर रहा है, साथ ही मासूमों को निशाना बना रहा है.
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