बुंदेलखंड पर अखिलेश की नजर, 40 दिनों में 100 तालाब बनाने का काम जारी

सूखे का दर्द झेल रहा बुंदेलखंड को शायद आने वाले समय में पानी के भंडारण में एक बड़ी सफलता मिलने वाली है. अखिलेश सरकार ने पानी के संरक्षण के लिए 'समाजवादी जल संरक्षण योजना' शुरू की है, इसके लिए अखिलेश सरकार ने सबसे पहले बुंदेलखंड को चुना है.

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तालाब निर्माण का काम तेजी से जारी तालाब निर्माण का काम तेजी से जारी

अनूप श्रीवास्तव

  • बुंदेलखंड,
  • 01 जून 2016,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

सूखे का दर्द झेल रहा बुंदेलखंड को शायद आने वाले समय में पानी के भंडारण में एक बड़ी सफलता मिलने वाली है. अखिलेश सरकार ने पानी के संरक्षण के लिए 'समाजवादी जल संरक्षण योजना' शुरू की है, इसके लिए अखिलेश सरकार ने सबसे पहले बुंदेलखंड को चुना है.

सूखे बुंदेलखंड को तोहफा
दरअसल बुंदेलखंड में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 100 तालाबों के निर्माण और मरम्मत के काम का निर्देश दिया है. जिसमें पिछले 15 दिनों से बड़े स्तर पर काम चल रहा है और अगले 25 दिनों में इसे पूरा कर लिया जाएगा. राज्य सरकार इसके लिए तकरीबन 140 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. इन सभी तालाबों में 60 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी स्टोर किया जा सकेगा.

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महोबा जिले में सबसे ज्यादा तालाब का निर्माण
अखिलेश सरकार की मानें तो इतना पानी इकट्ठा करने के लिए अगर डैम बनाना पड़ता तो सरकार को लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते और डैम के निर्माण में कम से कम 3 साल का वक्त लगता. पानी के लिहाज से सबसे ज्यादा धनी महोबा जिले में कुल 51 तालाब बनाए जा रहे हैं. इसके अलावा झांसी में 6, ललितपुर में 26, चित्रकुट में 8, हमीरपुर में 8 और बांदा में एक तालाब खोदे जा रहे हैं.

तेजी से खुदाई का काम जारी
जानकारी के मुताबिक बुंदेलखंड में बुंदेल राजाओं की ओर से लगभग 200 साल पहले बड़े-बड़े तालाब खुदवाए गए थे. लेकिन आजादी के बाद किसी सरकार ने बुंदेलखंड की त्रासदी पर विचार नहीं किया. वहीं अखिलेश सरकार ने 140 करोड़ की लागत से 100 तालाबों को उपयोग में लाने के लिए काम शुरू किया है. पिछले 15 दिनों से काम काफी तेजी से चल रहा है. जिसके लिए 370 जेसीबी, 170 पोकलैंड, 316 डंपर और 3200 ट्रैक्टरों का इस्तेमाल हो रहा है. कुछ तालाबों का काम 60 फीसदी तक पूरा भी हो गया है. शेष कार्य मानसून से पहले पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है.

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बारिश कम होने से बुंदेलखंड में पानी की भारी कमी
बुंदेलखंड में बारिश की बात करें तो पिछले दो सालों में मात्र 54 फीसदी बारिश हुई है. जिससे बुंदेलखंड के लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में 100 तालाबों के निर्माण से यहां के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इन तालाबों का काम मानसून से पहले ही समाप्त कर लिया जाए, ताकि तालाबों में बारिश का पानी संरक्षित किया जा सके.

केन्द्र सरकार पर पैसे नहीं देने का आरोप
राज्य सरकार का आरोप है कि उसने बुंदेलखंड में पानी की समस्या को लेकर केन्द्र सरकार से कई बार धनराशि की मांग की, जिसमें 20 तालाबों के गहरीकरण को लेकर केन्द्र को अपने हिस्से का 32 करोड़ रुपये देना था, लेकिन उसमें से केवल 15 करोड़ रुपये ही मिले.

4 साल में 18 बांध बनवाने का दावा
सपा सरकार का दावा है कि पिछले 65 सालों में विभिन्न सरकारों ने 24 बांधों का निर्माण कराते हुए 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई. जबकि सपा सरकार ने पिछले 4 सालों में 18 बांधों का निर्माण कराया है, जिसमें 9 बांध के काम पूरे हो गए हैं और बाकी 9 बांधों पर काम तेजी से चल रहा है.

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