ये हैं मजदूर संगठनों की 12 मांगें

देश के 10 मजदूर संगठनों ने देशभर में बुधवार को हड़ताल की. ये मजदूर संगठन सरकार की ओर से श्रम कानूनों में संशोधन करने के खिलाफ हैं, लेकिन सरकार इसे श्रम सुधार कह रही है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2015,
  • अपडेटेड 12:35 PM IST

देश के 10 मजदूर संगठनों ने बुधवार को देशभर में हड़ताल की. ये मजदूर संगठन सरकार की ओर से श्रम कानूनों में संशोधन करने के खिलाफ हैं, लेकिन सरकार इसे श्रम सुधार कह रही है. इन संगठनों की मोटे तौर पर इनकी 12 बड़ी मांगें हैं:

1. बोनस की अधिकतम सीमा खत्म की जाए. सरकार ने बोनस की सीमा 3000 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव रखा है.

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2. न्यूनतम वेतन 15,000 रुपये तय हो. इसमें खाने-पहनावे का खर्च शामिल न किया जाए. सरकार इसे भी शामिल करना चाहती है.

3. कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरियां बंद हों, पहले से कॉन्ट्रैक्ट पर रखे लोगों को स्थायी कर्मियों के बराबर वेतन मिले, वही सारे नियम लागू हों.

4.- सभी कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी नेट मुहैया कराया जाए. केंद्र सरकार श्रम कानून में प्रस्तावित संशोधन हर हाल में वापस ले.

5. कमोडिटी मार्केट में वायादा कारोबार पर रोक लगे और PDS के जरिये महंगाई कम की जाए.

6. रोजगार के अवसर पैदा कर बेरोजगारों को नौकरियां दी जाएं.

7. सारे श्रम कानूनों का सख्ती से पालन हो और उन्हें न बदला जाए.

8. सभी मजदूरों को कम से कम 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिले.

9. केंद्र और राज्य के सार्वजनिक उद्यमों के विनिवेश पर पूरी तरह रोक लगे.

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10. ट्रेड यूनियंस के लिए 45 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाए.

11. श्रम कानून में कंपनियों के हित वाले संशोधनों पर रोक लगाई जाए.

12. रेलवे, बीमा और रक्षा क्षेत्र में FDI को खत्म किया जाए.

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