ट्रेड यूनियंस की हड़ताल; ट्रेनें रोकी, जगह-जगह चक्काजाम, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारियों ने बुधवार को देशभर में हड़ताल शुरू कर दी. इसमें 15 करोड़ कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2015,
  • अपडेटेड 3:52 PM IST

सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारियों ने बुधवार को देशभर में हड़ताल की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह चक्काजाम किया और ट्रेनें रोकीं. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस और माकपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया.

दिल्ली में ऑटो रिक्शा वालों में झड़प
दिल्ली में ऑटो रिक्शा ड्राइवरों के बीच झड़प भी हुई. एक ऑटो ड्राइवर ने बताया कि वह अस्पताल जा रहा था, तभी कुछ ऑटो वालों ने उसे रोका और ऑटो से खींचकर पीटना शुरू कर दिया.

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देशभर में दिखा असर
तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, यूपी, महाराष्ट्र , पश्चिम बंगाल हर जगह हड़ता का असर दिखा. बसें, बाजार और टैक्सी सर्विस सुबह से ही बंद रहीं.

बंगाल में लाठीचार्ज, केरल में हिंसा
पश्चिम बंगाल के उत्तरी परगना जिले में प्रदर्शकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. पुलिस ने प्रदर्शनाकारियों पर लाठीचार्ज किया है. वहीं केरल से भी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं.

बिहार, बंगाल में रोकी ट्रेनें
हड़ताल के कारण रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ. प्रदर्शनकारियों ने बिहार के आरा में हिमगिरी एक्सप्रेस को रोका. वहीं हावड़ा स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनें नहीं पहुंच पा रही हैं.

किसने बुलाई हड़ताल
हड़ताल दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने बुलाई है. इनमें बैंक और बीमा कंपनियों के कर्मचारी भी शामिल हैं. BJP के समर्थन वाली भारतीय मजदूर संघ (एमएस) और नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन हड़ताल से हट गईं.

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कर्मचारी क्यों कर रहे हैं हड़ताल
ये कर्मचारी केंद्र सरकार के श्रम कानून में प्रस्तावित कुछ संशोधनों का विरोध कर रहे हैं. इनकी मांग है कि सरकार इन संशोधनों को अंजाम न दे. ये उनके हित के खिलाफ हैं.

लोगों को होने लगी परेशानी
हड़ताल के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कुछ टैक्सी और ऑटो जो हड़ताल में शामिल नहीं हैं, लोगों से अतिरिक्त चार्ज वसूल रहे हैं.

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