हॉकी टीम के इतिहास रचने के बाद बोलीं निशा और नेहा की कोच- बस मेडल लेकर आओ, आपके लिए लाऊंगी हर चीज

टीम में सोनीपत की रहने वालीं निशा और नेहा भी शामिल हैं. जिस ग्राउंड में दोनों प्लेयर्स खेलकर टोक्यो ओलंपिक तक पहुंचीं, उस ग्राउंड की खिलाड़ियों ने इस खुशी में जश्न मनाया.

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इंडियन हॉकी टीम इंडियन हॉकी टीम

पवन राठी

  • चंडीगढ़,
  • 02 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 11:26 PM IST
  • इतिहास रचते हुए महिला हॉकी टीम पहुंची सेमीफाइनल में
  • पहली बार ओलंपिक का सेमीफाइनल मैच खेलेगी टीम
  • खिलाड़ियों की कोच बोलीं- आप बस मेडल लेकर आओ...

ओलंपिक में पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद खिलाड़ियों के साथ-साथ परिवार के सदस्यों में भी खुशी का माहौल है. इस टीम में सोनीपत की रहने वालीं निशा और नेहा भी शामिल हैं. जिस ग्राउंड में दोनों प्लेयर्स खेलकर टोक्यो ओलंपिक तक पहुंचीं, उस ग्राउंड की खिलाड़ियों ने इस खुशी में जश्न मनाया. भारतीय टीम की पूर्व कप्तान प्रीतम सिवाच और अन्य कोच ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं. 

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अब कोचिंग दे रहीं प्रीतम सिवाच ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत होती रहती है और उनको हौसला दिया था कि टीम ऑस्ट्रेलिया को पटखनी दे सकती है. हॉकी टीम की खिलाड़ी निशा, नेहा और शर्मिला ने एक छोटे से ग्राउंड से खेलते हुए ओलंपिक तक का सफर तय किया है. उन्होंने कहा कि मैंने दोनों खिलाड़ियों से कहा है कि आप बस मेडल लेकर आओ, मैं आपके लिए हर चीज लेकर आऊंगी.

ऑस्ट्रेलिया पर शानदार जीत मिलने के बाद निशा व नेहा गोयल की कोच प्रीतम सिवाच ने कहा, ''मैं पूरे देशवासियों को बधाई देना चाहती हूं. इसमें किसी एक आदमी का रोल नहीं है. इसमें हरियाणा हॉकी, इंडिया हॉकी का अहम योगदान रहा है. आज मैं बहुत खुश हूं. मुझे इसी दिन का इंतजार था.

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ओलंपिक में जाकर मेडल जीतने का ही संघर्ष हमने शुरू से किया था.'' प्रीतम ने आगे कहा कि जब किसी भी काम को ठान लेते हैं तो उसको पूरा करके ही रहते हैं.  जब मेहनत पर लग जाते हैं और तय करते हैं कि इस मुकाम को हासिल ही करना है तो सभी चीजों को भूल जाते हैं और मुकाम को हासिल कर लेते हैं.

उन्होंने आगे कहा, ''मैं इन बच्चों को एक ही बात कहती हूं कि आप मेहनत करो, मेहनत का फल आप को जरूर मिलेगा. आपकी लड़ाई में हर जगह साथ रहूंगी और आपके लिए हर चीज लेकर आऊंगी, बस आप देश के लिए खेलो और मेडल लेकर आओ. जब निशा और नेहा अपने रूम में आईं तो मेरी उन तीनों लड़कियों से बात हुई. वे बहुत खुश थीं और मैंने उन्हें कहा कि जब मेडल लेकर आओगी तो खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा. मैंने उनको समझाया और कहा कि अच्छे से खेलना है और कॉन्फिडेंस से खेलना है. सेमीफाइनल मैच होगा, जिसमें जीतकर मेडल जीतना है.''

वहीं, सोनीपत की रहने वालीं नेहा गोयल के परिवार में जश्न का माहौल है. नेहा की मां ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है और वह देश के लिए अब की बार मेडल लेकर आएगी और जब यह मेडल लेकर आएगी तो उसका स्वागत किया जाएगा.

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नेहा की मां सावित्री ने कहा कि उन्होंने पूरा मैच देखा है और भारतीय महिला हॉकी टीम का यह मैच देखकर अब उन्हें उम्मीद है कि वह देश के लिए मेडल लेकर आएगी और देश का नाम रोशन करेगी. वहीं परिवार के अन्य सदस्यों ने भी नेहा गोयल और भारतीय महिला हॉकी टीम की इस जीत पर कहा कि अब पूरे देश को उम्मीद है कि भारतीय महिला हॉकी टीम देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आएगी और जब उनकी बेटी नेहा गोयल मेडल लेकर लौटेगी तो उसका स्वागत पूरे जश्न के साथ किया जाएगा.

नेहा के ताऊ श्याम सुंदर ने कहा कि बेटी से आज सुबह मैच से पहले बात हुई थी और बेटी ने कहा था कि ताऊजी सामने जो चैंपियन टीम है पर हमने अपनी तैयारी पूरी कर रखी है. उन्होंने आगे कहा कि हमें बहुत खुशी है और बेटी गोल्ड मेडल लेकर आएगी.
 

 

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