अपने करियर का अंतिम ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट खेल रहीं सानिया मिर्जा ने हमवतन रोहन बोपन्ना के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के मिश्रित युगल फाइनल में जगह बनाई. अब उनकी नजरें सातवें मेजर खिताब पर टिकी हैं.
गैरवरीय भारतीय जोड़ी ने एक घंटे और 52 मिनट चले सेमीफाइनल में डिसायर क्रॉसिक (अमेरिका) और नील स्कूपस्की (ब्रिटेन) की तीसरी वरीय जोड़ी को कड़े मुकाबले में 7-6(5) 6-7(5) 10-6 से हराया.
इससे पहले रोहन बोपन्ना और सानिया मिर्जा को येलेना ओस्टापेंको और डेविड वेगा हर्नांडिज पर वॉकओवर मिला था, जिससे यह जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंची थी.
सानिया ने अपने करियर में तीन महिला युगल और इतने ही मिश्रित युगल ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, जबकि बोपन्ना ने एक मिश्रित युगल मेजर खिताब जीता है. सानिया ने घोषणा की है कि फरवरी में दुबई में होने वाला डब्ल्यूटीए टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी टूर्नामेंट होगा.
सानिया के छह ग्रैंड स्लैम खिताब में से तीन मिश्रित युगल हैं, जो उन्होंने महेश भूपति (2009 ऑस्ट्रेलियाई ओपन, 2012 फ्रेंच ओपन) और ब्राजील के ब्रूनो सोरेस (2014 अमेरिकी ओपन) के साथ जीते.
सानिया ने अपने तीनों महिला युगल ग्रैंड स्लैम खिताब हिंगिस (विम्बलडन 2015, अमेरिकी ओपन 2015 और ऑस्ट्रेलियाई ओपन 2016) के साथ मिलकर जीते.
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