दिखने में खूंखार, बम का पता लगाने में माहिर... पेरिस ओलंपिक की सुरक्षा में तैनात रहेगी इंडियन K9 डॉग्स की टीम

भारत और फ्रांस सरकार के बीच डॉग्स के इस पहले सहयोग के लिए उन्हें 10 हफ्ते की विशेष ट्रेनिंग दी गई. ये डॉग्स खूंखार दिखने वाले बेल्जियन मालिनोइस नस्ल के हैं, जो देश के विभिन्न आंतरिक सुरक्षा थिएटरों जैसे नक्सल विरोधी अभियानों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में बम, तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) और उपद्रवियों का पता लगाने के लिए पैदल सेना की गश्त और तोड़फोड़ विरोधी खोजी कार्यों को अंजाम देते हैं.

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K9 डॉग्स की टीम फ्रांस पहुंच चुकी है (फोटो- ANI) K9 डॉग्स की टीम फ्रांस पहुंच चुकी है (फोटो- ANI)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 5:34 PM IST

पेरिस में अगले हफ्ते से होने वाले ओलंपिक गेम के लिए भारत से दस विशेष रूप से प्रशिक्षित भारतीय सीएपीएफ और विशेष कमांडो बल के डॉग्स को फ्रांस भेजा गया है. दरअसल, भारत में आयोजित G20 सम्मेलन के दौरान भारतीय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), विशेष रूप से इंडो-तिब्बती सीमा पुलिस (ITBP) K9 यूनिट के शानदार कार्य को देखते हुए फ्रांसीसी सरकार ने भारत सरकार से पेरिस ओलंपिक में महत्वपूर्ण एंटी-सैबोटेज ड्यूटी करने के लिए K9s की एक टुकड़ी भेजने का अनुरोध किया था.

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विदेश मंत्रालय (MEA) ने फ्रांसीसी अनुरोध को गृह मंत्रालय (MHA) और K9 सेल, पुलिस आधुनिकीकरण प्रभाग को भेजा था. एक बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक CAPF अपने दो K9s और हैंडलरों को पेरिस ओलंपिक के लिए भेजेगा. इसके लिए ITBP, CRPF, SSB, AR और NSG के कुल दस K9s डॉग्स का चयन किया गया है, जिसका नेतृत्व डॉ. मंजूर अहमद, 2IC (वेट) ITBP, MHA K9 सेल करेंगे. CAPF K9 टुकड़ी 11 जुलाई को पेरिस पहुंची, जहां भारतीय राजदूत ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया गया.

डॉग्स को दी गई 10 हफ्ते की स्पेशल ट्रेनिंग

एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि भारत और फ्रांस सरकार के बीच डॉग्स के इस पहले सहयोग के लिए उन्हें 10 हफ्ते की विशेष ट्रेनिंग दी गई. ये डॉग्स खूंखार दिखने वाले बेल्जियन मालिनोइस नस्ल के हैं, जो देश के विभिन्न आंतरिक सुरक्षा थिएटरों जैसे नक्सल विरोधी अभियानों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में बम, तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) और उपद्रवियों का पता लगाने के लिए पैदल सेना की गश्त और तोड़फोड़ विरोधी खोजी कार्यों को अंजाम देते हैं. इस दस्ते में पांच वर्षीय सीआरपीएफ डॉग्स वास्ट और तीन वर्षीय डेनबी शामिल हैं.

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इसलिए खास होते हैं मालिनोइस नस्ल के डॉग्स

अधिकारी के मुताबिक, "बेल्जियम मालिनोइस नस्ल को दुनिया भर में सुरक्षा बलों द्वारा सबसे पसंदीदा लड़ाकू डॉग माना जाता है. इजरायली नर मालिनोइस और अमेरिकी फीमेल डॉग के प्रजनन से बनी मालिनोइस नस्ल तब चर्चा में आई जब बताया गया कि इन डॉग्स ने 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के ठिकाने को खोजने में अमेरिकी विशेष बलों की मदद की थी. इस नस्ल का डॉग संदिग्ध मानवीय उपस्थिति और IED का सटीकता से पता लगा सकता है और यह इतना बुद्धिमान है कि यह इन संकेतों को अपने सिर को हिलाकर बता सकता है, न कि भौंककर, जिससे लक्ष्य को सतर्क किया जा सकता है."

डॉग हैंडल की वर्दी पर होगा भारतीय झंगा

भारतीय डॉग्स की टीमों को फ्रांसीसी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की आवश्यकताओं के अनुसार तैनात किया जाएगा और यह तैनाती दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग का हिस्सा है. हैंडलर अपनी नियमित लड़ाकू वर्दी पहन रहे हैं, जिसमें उनकी छाती पर भारतीय ध्वज का एक विशेष पैच और कंधे पर एक और पैच है, जो मेगा गेम्स इवेंट के लिए तैनात सुरक्षा एजेंसियों को प्रदान किया गया है.

26 जुलाई से 11 अगस्त तक ओलंपिक का आयोजन

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इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, फ्रांस ओलंपिक के लिए हर दिन लगभग 30,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात कर रहा है, जो 26 जुलाई से 11 अगस्त के बीच आयोजित किया जाएगा, जिसमें सीन नदी पर उद्घाटन समारोह के लिए अधिकतम 45,000 पुलिस अधिकारी होंगे. सेना के लगभग 18,000 सदस्य भी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर रहे हैं, जिनमें पेरिस के किनारे बनाए गए एक विशाल, विशेष शिविर में हजारों लोग शामिल हैं. ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व 117 एथलीट और 140 सहायक कर्मचारी और अधिकारी करेंगे.

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