सब कुछ भूल गए लेकिन पद्मश्री नहीं मिला ये नहीं भूले 86 साल के पहलवान उदयचंद.. नातिन ने PM मोदी से की ये अपील

देश के जाने माने पहलवान और पहले अर्जुन अवार्डी उदयचंद की 8 साल की नातिन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वो पीएम मोदी से अपने नाना के लिए पद्मश्री सम्मान दिए जाने की गुहार लगा रही हैं. उदयचंद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है.

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नायरा कुंडू ने प्रधानमंत्री से नाना पहलवान उदयचंद के लिए मांगा पद्मश्री सम्मान नायरा कुंडू ने प्रधानमंत्री से नाना पहलवान उदयचंद के लिए मांगा पद्मश्री सम्मान

अमित रायकवार

  • नई दिल्ली ,
  • 06 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 3:01 PM IST
  • पहलवान उदयचंद के लिए मांगा पद्मश्री सम्मान
  • नातिन ने पीएम मोदी से नाना के लिए मांगा सम्मान
  • देश के पहले अर्जुन अवॉर्ड विजेता हैं पहलवान उदयचंद
  • पिछले कई सालों से कर रहे हैं पद्मश्री सम्मान पाने की कोशिश

ऑस्ट्रेलिया से एक आठ साल की बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने नाना और देश के जाने माने पहलवान उदयचंद को पद्मश्री सम्मान दिए जाने की गुहार लगाई है. बच्ची का नाम नायरा कुंडू है. बता दें, पहलवान उदयचंद देश के पहले अर्जुन अवार्डी हैं और तीन ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. टोक्यो और मैक्सिको ओलंपिक में वो भारतीय टीम के कप्तान भी रहे हैं. इसके अलावा कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन कर चुके हैं. उदयचंद पिछले कई सालों से भारत सरकार से पद्मश्री अवार्ड पाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अब तक उनकी किसी ने कई सुध नहीं ली. 

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नातिन ने की अपने नाना के लिए पीएम मोदी से अपील   

पहलवान उदयचंद की नातिन नायरा कुंडू अपने माता पिता के साथ आस्ट्रेलिया में रहती हैं. उन्होंने अपने नाना पहलवान उदयचंद को सम्मान दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर पीएम मोदी से उन्हें पद्मश्री सम्मान देने की गुहार लगाई है. साथ ही उन्होंने अपने नाना की उपलब्धियों का जिक्र भी वीडियो में किया है. 86 साल के उदयचंद का जन्म 23 जून 1935 में हरियाणा के जांडली गांव में एक किसान परिवार हुआ था. उदयचंद लाइट वेट में विदेशी धरती पर वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले देश के पहले पहलवान हैं.  

देश के लिए खेले तीन ओलंपिक

साल 1960 रोम, 1964 टोक्यो और 1968 मैक्सिको में ओलंपिक गेम्स में उदयचंद ने देश का प्रतिनिधित्व किया है. इसके अलावा साल 1961 जापान के योकोहाम में वो लाइट वेट में कांस्य पदक जीतकर विदेशी धरती पर कुश्ती में पहला पदक जीतने वाले भारतीय बने. उन्होंने 1962 जकार्ता इंडोनेशिया एशियन गेम्स में 2 सिल्वर मेडल हासिल किए. 1970 में स्कॉटलैंड कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता. उदयचंद साल 1958 से लेकर 1970 तक 12 सालों तक नेशनल चैंपियन रहे.

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नातिन ने नाना के लिए पीएम मोदी से पद्मश्री सम्मान मांगा 

साल 1970 से 1995 में हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी हिसार में बतौर कोच उन्होंने देश के लिए कई पहलवान तैयार किए. 1963 में भारत-ईरान के साथ दूसरे विदेशी धरती पर बड़े बड़े पहलवानों को चित किया और 1964 में रूस के पहलानों को शिकस्त दी. साल 1964 में बैंकाक एशियाड में कांस्य सहित कई पदक देश और विदेश में अपने नाम किए हैं.  

पहला अर्जुन अवॉर्ड पाने वाले पहलवान उदयचंद

 

डेमेंशिया नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं पहलवान उदयचंद

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली पहलवान उदयचंद की बेटी योगिता ने बताया कि उनके पिता डेमेंशिया (Dementia) नाम की बीमारी से झूझ रहे हैं. इस बीमारी में पुरानी बातों को याद करना बेहद मुश्किल होता है. लेकिन उन्हें एक बात याद है कि उन्हें अबतक पद्मश्री सम्मान नहीं मिला है,  जिसके वो हकदार हैं.  

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