UWW vs WFI: वर्ल्ड चैम्पियनशिप में जीत पर तिरंगा नहीं लहरा पाएंगे पहलवान, पढ़ें- WFI पर एक्शन के मायने

समय पर चुनाव नहीं कराने के कारण यूनाइटेड वर्ल्ड रेसल‍िंग (UWW) ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) को सस्पेंड कर दिया है. सदस्यता सस्पेंड होने के का मतलब यह है कि अब से भारतीय पहलवान रेसलिंग के वर्ल्ड कप समेत सभी बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा तो ले पाएंगे...

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भारतीय पहलवान. भारतीय पहलवान.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

Wrestling Federation of India Suspended: भारतीय कुश्ती में काफी समय से काफी उठा पठक चल रही है. हाल ही में भारतीय पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष रहे बृजभूषण शरण के ख‍िलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए थे. जिसका मामला कोर्ट में चल रहा है. बृजभूषण को सस्पेंड भी कर दिया गया.

मगर अब भारतीय कुश्ती संघ को एक बड़ा झटका लगा है. यूनाइटेड वर्ल्ड रेसल‍िंग (UWW) ने WFI की सदस्यता को सस्पेंड कर दिया है. ऐसे में फैन्स मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि सदस्यता सस्पेंड होने से आखिर होगा क्या?

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भारतीय तिरंगे के साथ नहीं खेल पाएंगे पहलवान

बता दें कि भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता सस्पेंड होने के का मतलब यह है कि अब से भारतीय पहलवान रेसलिंग के वर्ल्ड कप समेत सभी बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा तो ले पाएंगे, लेकिन भारतीय तिरंगा नहीं लहरा पाएंगे.

दरअसल, अब से भारतीय पहलवानों को किसी भी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में खेलना है, तो वो तिरंगे के नीचे नहीं खेल पाएंगे. ना ही उनके साथ भारत का नाम जुड़ा होगा. अब भारतीय पहलवानों को यूनाइटेड वर्ल्ड रेसल‍िंग के नाम के साथ ही खेलना होगा. 

भारतीय पहलवानों को अब आगे ओलंपिक क्वालिफाइंग चैम्पियनशिप भी खेलना है. यह टूर्नामेंट 16 सितंबर से होगा. इसमें भारतीय पहलवान अपने देश के नाम के साथ नहीं खेल सकेंगे. 

एशियन गेम्स में तिरंगे के साथ खेल सकेंगे पहलवान

हाल ही भारतीय महिला रेसलिंग टीम ने अंडर-20 वर्ल्ड चैम्पियनशिप के टीम इवेंट में पहली बार खिताब जीतकर इतिहास रचा था. भारतीय टीम ने काफी पॉइंट्स हासिल किए थे, क्योंकि वो भारत के लिए खेल रहे थे. मगर अब सर्बिया में सीनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप होने वाली है. इसमें भारतीय पहलवान भारतीय झंडे के तले नहीं खेल सकेंगे. उनकी जीत भी भारत की जीत नहीं मानी जाएगी.

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हालांकि 23 सितंबर से चीन के हांगझोऊ में एशियन गेम्स होने हैं. इसमें भारतीय पहलवान तिरंगे के नीचे और अपने देश के नाम के साथ खेल सकेंगे. क्योंकि इसके लिए भारतीय पहलवान इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की तरफ से भेजे जाएंगे ना कि WFI की तरफ से.

भारतीय संघ को मिला था 45 दिनों का समय

दरअसल, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसल‍िंग ने कुछ समय पहले ही भारतीय कुश्ती संघ को समय पर चुनाव कराने के लिए वॉर्निंग दी थी. UWW ने इसके लिए सबसे पहले 30 मई को भारतीय कुश्ती संघ को पत्र लिखा था, जिसमें अगले 45 दिन यानी 15 जुलाई तक चुनाव कराने के लिए कहा था. वरना भारतीय कुश्ती महासंघ की सदस्यता को सस्पेंड कर देगी.

पत्र मिलने के बाद भारतीय खेल मंत्रालय ने बृजभूषण के ख‍िलाफ यौन शोषण के आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ के पदाधिकारियों को सस्पेंड कर ADHOC कमेटी बना दी थी. कुश्ती महासंघ के नए चुनाव के लिए जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व जज एम एम कुमार को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया था.

इस कारण टलते चले गए संघ के चुनाव

भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव पहले 11 जुलाई को चुनाव होने थे, लेकिन तब असम रेसल‍िंग एसोस‍िएशन (AWA) अपनी मान्यता को लेकर असम हाईकोर्ट से चुनाव पर स्टे ले आया था. वहीं एडहॉक कमेटी ने असम रेसल‍िंग एसोस‍िएशन को मान्यता दे दी थी. इस तरह WFI के चुनाव 15 जुलाई तक नहीं हो सके.

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मगर फिर चुनाव अधिकारी एम एम कुमार ने दूसरी बार 12 अगस्त को भारतीय कुश्ती महासंघ के लिए चुनाव की तारीख तय की थी. लेकिन चुनाव से पूर्व 11 अगस्त को दीपेन्द्र हुड्डा ने समर्थन वाली हरियाणा कुश्ती एसोसिएशन ने हरियाणा हाईकोर्ट चुनाव पर स्टे ले लिया. इस तरह चुनाव टलते गए और परिणामस्वरूम भारतीय कुश्ती संघ को सस्पेंड कर दिया गया.

संघ के सस्पेंड होने के बाद क्या करेगा तदर्थ पैनल?

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, 'UWW ने बुधवार रात को ही तदर्थ पैनल को बताया कि WFI को उसकी कार्यकारी समिति के चुनाव समय पर नहीं कराने के कारण उसे सस्पेंड कर दिया गया है.' तदर्थ पैनल के सदस्य जियान सिंह ने कहा कि हम आपको यह नहीं बता सकते हैं कि अब पैनल क्या करेगा. बाजवा अब हमें बातचीत के लिए बुलाते नहीं हैं. बाजवा अब निर्णय लेने का हिस्सा नहीं हैं.

 

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