बॉल टेंपरिंग के बाद कैसे खड़ी हुई ऑस्ट्रेलियाई टीम, कोहली से क्यों डरती है?

बॉल टेंपरिंग विवाद के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम को बड़ा झटका लगा था. लगातार तीन साल टीम फॉर्म से जूझती रही, एक नई पीढ़ी को तैयार किया गया. ये सफर कैसा रहा और किस तरह की चुनौतियां झेलनी पड़ीं, इस पर प्राइम वीडियो ने एक डॉक्यूमेंटरी सीरीज़ तैयार की है.

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बॉल टेंपरिंग के बाद की कहानी बताती है डॉक्यूमेंट्री बॉल टेंपरिंग के बाद की कहानी बताती है डॉक्यूमेंट्री

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 16 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 10:45 AM IST

  • प्राइम वीडियो की नई सीरीज ‘The Test’
  • ऑस्ट्रेलियाई टीम के ‘पुनर्जन्म’ की कहानी
  • विराट कोहली से खौफ खाते हैं कंगारू

क्रिकेट अगर किसी के लिए धर्म है तो ऑस्ट्रेलिया की टीम इस धर्म की सबसे बड़ी देवता है. बचपन में हमारा सबसे बड़ा दुश्मन आस-पास का कोई व्यक्ति नहीं बल्कि रिकी पोंटिंग था. तब एक ही सपना होता था कि इस बंदे को हारते हुए जरूर देखना है, उसकी अकड़ जरूर तोड़नी है. ऑस्ट्रेलियाई टीम किसी भी भारतीय क्रिकेट फैन के लिए इतनी मायने रखती है.

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अभी दो-तीन साल पहले ही जब ऑस्ट्रेलिया पर ball-tampering का धब्बा लगा, तो ये सबसे बड़ा झटका था क्रिकेट की दुनिया के लिए. अंदर एक दर्द भी था क्योंकि जिन खिलाड़ियों पर आरोप लगे थे वो कहीं ना कहीं क्रिकेट के दर्शकों के हीरो थे.

क्रिकेट के उस घिनौने अपराध के बाद जब ऑस्ट्रेलिया की टीम ने वापसी की और आज करीब 4 साल के बाद टीम एक बार फिर अपने मुकाम पर खड़ी है. लेकिन यह 4 साल इतने आसान भी नहीं थे. ऑस्ट्रेलिया की टीम में बहुत कुछ झेला है, गालियां सुनी हैं, लोगों के ताने सुने हैं.

इस वापसी की राह में बहुत कुछ सहा लेकिन इसकी सबसे अच्छी खास बात यह थी कि नई पीढ़ी जब दाग को मिटाने के लिए लड़ रही थी तब उसके साथ उसके साथ पुरानी पीढ़ी खड़ी थी. उन्होंने नई पीढ़ी को सिखाया कि ऐसे मुश्किल वक्त में कैसे लड़ा जाता है. कैसे लोगों का विश्वास जीता जाता है. ऑस्ट्रेलियाई टीम भले ही क्रिकेट की दुनिया में हमारी दुश्मन हो लेकिन हमें कई चीजें सिखाती है. हमारे देश में कभी भी यह देखने को नहीं मिलेगा.

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क्योंकि यहां पहले तो पुरानी पीढ़ी की‌ इज्जत नहीं होती, अगर होती है तो कुछ नई पीढ़ी के लोग उन्हें आने नहीं देते हैं. साल 2017 में विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच जो हुआ उसका अंदाजा हम लगा सकते हैं. ये डॉक्यूमेंट्री मेरे दिल में ऑस्ट्रेलिया के लिए प्यार जगा देती है, एक एक चीज़ को देखते हुए आंखों में आंसू आते हैं और ऑस्ट्रेलिया से प्यार.. बहुत प्यार करने लगते हैं.

ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा डर - विराट कोहली

ये कहानी एक और बात बताती है, वो यह है कि अगर आज की ऑस्ट्रेलियाई टीम किसी एक खिलाड़ी से खौफ खाती है तो उस खिलाड़ी का नाम है विराट कोहली. सीरीज में एक किस्सा ऐसा आता है जब भारत की टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई थी.

साल 2018 का वह वक्त ऑस्ट्रेलियाई टीम पाकिस्तान के हाथों हार कर आई थी और वह वापसी की उम्मीद लगाए बैठी थी. तभी टीम इंडिया वहां पहुंचती है और फिर कैसे कोच जस्टिन लैंगर की अगुवाई में कंगारू टीम एक बार फिर खड़े होने लगती है. और उनके फोकस पर सबसे ज्यादा रहते हैं भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली.

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विराट कोहली के लिए अलग-अलग तरीके से प्लान बनाते हैं, विराट कोहली से कोई भी नहीं भिड़ेगा... कोहली कुछ कहे तो आप शांत रहें और दूर रहें. किसी एक खिलाड़ी के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम का इस तरह खौफ खाना आपको बहुत पसंद आएगा और एक भारतीय क्रिकेट फैन के तौर पर आपको गर्व महसूस होगा ऑस्ट्रेलिया टीम हमारे कप्तान से डरती है.

क्रिकेट के दीवानों के मन में बहुत सी ऐसी बातें हैं जो हमेशा दबी रह जाती हैं. अगर कोई बल्लेबाज आउट होता है तो ड्रेसिंग रूम में जाकर क्या करता है? मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ी क्या सोचते हैं? अगर कोई टीम में नहीं चुना जाता है तो वह क्या सोचता है?

ऐसे कई सवाल हैं जो हमारे मन में हमेशा उठते रहते हैं. अमेजॉन पर एक सीरीज आई है या यूं कहें एक डॉक्यूमेंट्री है द टेस्ट. ऑस्ट्रेलिया टीम बॉल टैंपरिंग के बाद किस तरह खड़ी होती है और फिर दौड़ने लगती है उस कहानी का किस्सा है. इस दौरान आपको क्रिकेट से जुड़ी छोटी-छोटी बातें जानने को मिलेगी, आप एक बार फिर अपने बचपन को जीने लगेंगे.. आप एक बार फिर क्रिकेट से प्यार करने लगेंगे.

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