रांची में गेंद से कमाल दिखा रहे हैं शाहबाज नदीम, भाई ने दी थी बड़ी कुर्बानी

झारखंड के 30 साल के लेफ्ट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम को रांची टेस्ट मैच में डेब्यू का मौका मिला. नदीम ने अपने डेब्यू मैच में पहला इंटरनेशनल विकेट दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज टेम्बा बावूमा का लिया है.

Shahbaz Nadeem
aajtak.in
  • रांची,
  • 21 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 2:09 PM IST

  • शाहबाज नदीम को रांची टेस्ट मैच में डेब्यू का मौका मिला
  • नदीम ने पहला इंटरनेशनल विकेट टेम्बा बावूमा का लिया

झारखंड के 30 साल के लेफ्ट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम को रांची टेस्ट मैच में डेब्यू का मौका मिला. नदीम ने अपने डेब्यू मैच में पहला इंटरनेशनल विकेट दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज टेम्बा बावूमा का लिया है. नदीम की गेंद को टेम्बा बावूमा समझ नहीं पाए और विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा ने बावूमा को स्टंप्स कर दिया.

शाहबाज नदीम को 'चाइनामैन' कुलदीप यादव के अनफिट होने के बाद भारतीय स्क्वॉड में शामिल किया गया था. रांची के लोकल बॉय को अपने घरेलू मैदान पर टेस्ट डेब्यू करने का शानदार मौका भी मिला, जिसे उन्होंने भुना लिया.

शाहबाज नदीम ने जब रांची टेस्ट मैच में अपना इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया, तो उनके बड़े भाई असद इकबाल दिल्ली के एक निजी अस्पताल में थे, जहां उनकी पत्नी फरिहा की सिस्ट हटाने की माइनर सर्जरी चल रही थी. बड़े भाई ने शाहबाज के क्रिकेट खेलने के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं.

पिता ने कहा कोई एक ही क्रिकेट खेल सकता है

शाहबाज नदीम के पिता 17 साल पहले जब धनबाद में तैनात एक पुलिस अधिकारी थे तो उन्होंने अपने दोनों बेटों से कहा था कि उनमें से केवल एक ही खेल सकता है. पिता नहीं चाहते थे कि दोनों किसी ऐसी चीज का पीछा करते हुए अपने जीवन को खतरे में डाल दें, जो सुरक्षित भविष्य की गारंटी नहीं दे.

शाहबाज के पिता ने बताया कि उसके बड़े भाई असद बिहार के अंडर 15 टीम के कप्तान थे इसके बावजूद उसने शाहबाज को खेलने देने के लिए मुझे मनाया और खुद इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और आज दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत हैं. शाहबाज के पिता को उम्मीद नहीं थी कि विराट कोहली की कप्तानी वाली टेस्ट टीम में उनके बेटे को टेस्ट कैप मिलेगी. इसलिए वह अपनी बेटी के रुटीन चैकअप के लिए चंडीगढ़ से रवाना हुए.

नदीम का रिकॉर्ड

नदीम ने दो बार रणजी सत्र में 50 से अधिक विकेट लेने का गौरव प्राप्त किया है. रणजी ट्रॉफी के इतिहास में ऐसा करने वाले वह महज दूसरे खिलाड़ी हैं. उन्होंने झारखंड की ओर से खेलते हुए 2015-16 सत्र में 51 विकेट चटकाए थे. इसके बाद अगले सत्र- 2016-17 में उन्होंने 56 विकेट निकाले थे. उनसे पहले हैदराबाद के स्पिनर कंवलजीत सिंह ने 1998-99 रणजी सत्र में 51 और 1999-2000 में 62 विकेट झटके थे.

नदीम के नाम विश्व रिकॉर्ड भी है. उन्होंने पिछले साल विजय हजारे ट्रॉफी में राजस्थान के खिलाफ खेलते हुए 10 रन पर 8  विकेट चटकाकर लिस्ट-ए क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का दो दशक पुराना विश्व रिकॉर्ड तोड़ा था. तभी बाएं हाथ के इस स्पिनर ने राष्ट्रीय टीम के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी थी.

लिस्ट-ए: बेस्ट बॉलिंग

8/10 शाहबाज नदीम, 2018

8/15 राहुल सांघवी, 1997/98

8/19 चामिंडा वास, 2001/02

8/20 थारका कोटेहेवा 2007/08

8/21 माइकल होल्डिंग, 1988

30 साल के नदीम ने अब तक 110 प्रथम श्रेणी मैचों में 28.59 की औसत से 424 विकेट चटकाए हैं. उन्होंने 106 लिस्ट ए मैचों में 145 विकेट, जबकि 117 टी-20 मैचों में 98 विकेट हासिल किए, जिसमें आईपीएल के 42 विकेट भी शामिल हैं.

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