ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न ने 27 साल पहले आज ही के दिन (4 जून) एक ऐसी गेंद डाली, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. वॉर्न (1992-2007) ने अपने 15 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कई बेहतरीन गेंदें फेंकीं, लेकिन 1993 में एशेज सीरीज के दौरान उन्होंने ऐसी जादुई गेंद डाली, जिसे 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' कहा गया.
शेन वॉर्न ने 4 जून 1993 को इंग्लैंड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर) टेस्ट में इंग्लैंड के बल्लेबाज माइक गेटिंग को बोल्ड किया. वह गेंद लगभग 90 डिग्री के कोण से घूमी थी, जिसे देखकर सभी दंग रह गए. 'शताब्दी की सर्वश्रेष्ठ गेंद' कही गई उस गेंद ने वॉर्न की जिंदगी बदल कर रख दी थी.
ऐसी थी वॉर्न की 'बॉल ऑफ द सेंचुरी'
वॉर्न की गेंद लेग स्टंप के काफी बाहर पिच हुई और ऐसा लग रहा था कि गेंद वाइड हो सकती है, इसी के चलते गेटिंग ने उसे खेलने का प्रयास नहीं किया. इस बीच जबर्दस्त तेजी से टर्न हुई गेंद गैटिंग को चकमा देते हुए उनके ऑफ स्टंप पर जा लगी, जिसे देखकर सभी हैरान हो गए. अपनी उस 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' के बारे में शेन वॉर्न ने वर्षों बाद राज खोला.
वॉर्न ने बताया, 'यह गेंद एक अचरज थी और मैंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी और न ही मैं इसे दोहरा सकता हूं. एक लेग स्पिनर के तौर पर आप हमेशा एक बेहतर लेग ब्रेक गेंद डालने के बारे में सोचते हो. मैंने भी ठीक उसी तरह की गेंद डालने की कोशिश की थी. लेकिन गेंद 90 डिग्री तक घूम गई जो वास्तव में अजूबा था.'
उस गेंद ने वॉर्न की जिंदगी बदल डाली
शेन वॉर्न ने कहा, 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' बिल्कुल वैसी ही गेंद थी, जो सभी लेग स्पिन गेंदबाज डालने की कोशिश करते हैं. इस गेंद ने मैदान के अंदर और बाहर की मेरी जिंदगी को बदल कर रख दिया. मुझे बहुत गर्व है कि मैंने गेंद 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' डाली थी. खासकर माइक गेटिंग जैसे बेहतरीन खिलाड़ी को जो इंग्लैंड की टीम में स्पिन गेंदबाजी का माहिर खिलाड़ी था.'
ऐसा रहा वॉर्न का करियर
वॉर्न टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज हैं. उन्होंने 145 टेस्ट मैच खेलकर 708 विकेट हासिल किए, जिसमें 37 बार पारी में 5 या इससे अधिक विकेट और 10 बार मैच में 10 या इससे अधिक विकेट शामिल हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी गेंदबाजी कितनी घातक रही. वहीं, उन्होंने 194 वनडे मैचों में 293 विकेट चटकाए.
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