इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज मुरली विजय और उपकप्तान अंजिक्य रहाणे भारत-ए की ओर से खेलेंगे. ये दोनों वॉरसेस्टर के काउंटी ग्राउंड में भारत-ए के दौरे के आखिरी प्रथम श्रेणी मैच में इंग्लैंड लॉयन्स के खिलाफ खेलेंगे. यह चार दिवसीय मुकाबला 16-19 जुलाई तक खेला जाएगा.
विजय और रहाणे ने आखिरी बार अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट खेला था और वे वनडे की टीम में शामिल नहीं थे. इंग्लैंड के खिलाफ एक अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए इंडिया-ए के मैच के दौरान या उसके बाद टीम की घोषणा की जा सकती है, क्योंकि इससे कुछ खिलाड़ियों की उपलब्धता की तस्वीर साफ होगी.
रहाणे और विजय का भारतीय टेस्ट टीम में स्थान तय है, लेकिन दूसरों के उलट उन्हें लंबी अवधि के मैचों में खेलने की अधिक जरूरत है. इसी वजह से चयनकर्ताओं ने टीम प्रबंधन और भारत-ए टीम के कोच राहुल द्रविड़ से सलाह मशविरा कर यह योजना बनाई.
जहां दो अन्य टेस्ट विशेषज्ञ - चेतेश्वर पुजारा और ईशांत शर्मा ने काउंटी में काफी क्रिकेट खेला है और कुछ अन्य खिलाड़ी सीमित ओवर के प्रारूप में खेल रहे हैं. विजय और रहाणे अकेले दो शीर्ष बल्लेबाज हैं जिनके पास मैच अभ्यास की कमी थी.
इंग्लैंड के पिछले दौरे (2014) में विजय ने नॉटिंघम में खेले गए पहले टेस्ट में शतक जमाया था, जबकि रहाणे ने लॉर्ड्स में सैकड़ा लगाया था. टीम प्रबंधन विकेटकीपर के तौर पर पहली पसंद ऋद्धिमान साहा और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस को लेकर ताजा जानकारी का इंतजार कर रहा है, जिन्हें क्रमश: अंगूठे और उंगली में चोट लगी थी.
ऋद्धिमान के समय रहते फिट न होने की स्थिति में यह तय है दिनेश कार्तिक विकेट कीपर की भूमिका निभाएंगे और उनके बैकअप के रूप में पहली पसंद ऋषभ पंत होंगे. बुमराह की चोट टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि उनसे टीम के तेज गेंदबाजी विभाग में भुवनेश्वर कुमार के साथ अहम भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है.
भुवनेश्वर खुद पीठ की तकलीफ से जूझ रहे हैं और इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के बाद से खेले नहीं हैं. मोहम्मद शमी ने अपना यो-यो टेस्ट पास कर लिया है, लेकिन टीम प्रबंधन यह सुनिश्चित करना चाहेगा कि हाल के महीनों में निजी समस्याओं का सामना करने के बाद वह सही मानसिक स्थिति में हैं या नहीं.
विश्व मोहन मिश्र