ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत की धरती पर चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी. कंगारू टीम के समक्ष लंबे समय बाद सीरीज जीतने की चुनौती है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान एडम गिलक्रिस्ट को यकीन है कि पैट कमिंस की कप्तानी वाली टीम अगर स्पिनर नाथन लियोन के साथ तीन तेज गेंदबाजों को उतारेगी तो भारत में 19 साल के बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीत सकती है.
'नए स्पिनर के साथ प्रयोग करना कभी फायदेमंद नहीं'
2004 की सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक कप्तान रहे पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज गिलक्रिस्ट ने कहा कि उपमहाद्वीप की परिस्थितयों में नए स्पिनर के साथ प्रयोग करना कभी फायदेमंद नहीं रहा है और कमिंस को ऐसा करने से बचना चाहिए. ऑस्ट्रेलिया 1969 से भारत में सिर्फ एक टेस्ट सीरीज जीत पाया है.
गिलक्रिस्ट ने मंगलवार को ‘फॉक्स स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘मुझे लगता है कि वे यह (सीरीज जीत) कर पाएंगे. मुझे लगता है कि उनके पास ऐसी टीम और अंतिम एकादश है, जिसमें 2004 की टीम की कई समानताएं हैं.’ उन्होंने कहा, ‘अधिकतर टीम भारत में इस उम्मीद के साथ जाती हैं कि वे कोई नया स्पिनर सामने लाएंगी जो सामंजस्य बैठाकर भारत में सबको हैरान कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं होता.’
गिलक्रिस्ट को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया को अपने सर्वश्रेष्ठ चार गेंदबाजों पर भरोसा करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अत्यधिक अनुभवी तेज गेंदबाजों को गेंद को रिवर्स स्विंग कराने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.
... हमारे पास लियोन अब तक के सर्वश्रेष्ठ ऑफ स्पिनर
उन्होंने कहा, ‘अपने सर्वश्रेष्ठ चार गेंदबाजों को चुनें- और अगर ये तीन तेज गेंदबाज हैं जो वास्तव में अच्छी रिवर्स स्विंग प्राप्त कर सकते हैं और नाथन लियोन, जो स्पष्ट रूप से हमारे पास अब तक के सर्वश्रेष्ठ ऑफ स्पिनर हैं तो ये अपनी भूमिका निभा सकते हैं. मुझे लगता है कि उन्हें ऐसा ही करना चाहिए.’
ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान में सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज 32 वर्षीय मिशेल स्टार्क अपने गेंदबाजी हाथ की उंगली की चोट से उबर रहे हैं और उनके नागपुर में पहले टेस्ट से बाहर रहने की संभावना है. ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन की भी उंगली में फ्रैक्चर हुआ है, जिसके बाद उनकी सर्जरी हुई. उनके हालांकि 9 फरवरी से शुरू हो रहे पहले टेस्ट के लिए फिट होने की उम्मीद है. पूर्व क्रिकेटर गिलक्रिस्ट ने कहा कि तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर ग्रीन की वापसी से टीम को अतिरिक्त स्पिनर चुनने का मौका मिल सकता है.
2004 की सीरीज जीत और वर्तमान टीम के लिए इससे मिले सबक पर गिलक्रिस्ट ने कहा, ‘हमने उस समय अपनी मानसिकता के साथ क्या बदलने की कोशिश की थी... और मुझे यह देखने में दिलचस्पी होगी कि क्या ऑस्ट्रेलियाई इस बार ऐसा करता हैं... बस यूं ही किसी स्पिनर को मत उतारो.’
'आक्रामक होने के लिए रक्षात्मक बनो…'
उन्होंने कहा, ‘पहली गेंद से ही सीधे स्टंप्स को निशाना बनाओ. आक्रामक होने के लिए रक्षात्मक बनो… एक स्लिप से शुरुआत करो, मिडविकेट पर कैच लेने के लिए फील्डर खड़ा करके शुरुआत करो, क्षेत्ररक्षक को सीमा रेखा पर खड़ा करके बाउंड्री के विकल्प को खत्म कर दो, लेकिन कैच पकड़ने के लिए कुछ क्षेत्ररक्षक रखें... या तो शॉर्ट कवर या शॉर्ट मिडविकेट पर... और बस धैर्य रखें.’
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