हैदराबाद क्रिकेट संघ (एचसीए) के अध्यक्ष बनने की मोहम्मद अजहरुद्दीन की उम्मीदों को झटका लगा है. लोढ़ा समिति के सुधारवादी कदमों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अरशद अयूब के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद 10 जनवरी को पूर्व भारतीय कप्तान ने अपना नामांकन दाखिल किया था, जिसे 14 जनवरी को एचसीए के रिटर्निंग ऑफिसर के राजीव रेड्डी ने खारिज कर दिया है.
नामांकन का रद्द होने की वजह स्पष्ट नहीं
अजहरुद्दीन के नामांकन रद्द होने की वजह का अब तक खुलासा नहीं हुआ है. 2000 में सामने आए मैच फिक्सिंग प्रकरण में कथित संलिप्तता के लिए बीसीसीआई ने उन्हें आजीवन प्रतिबंधित किया था. आखिरकार लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2011 में आंध्र उच्च न्यायायल ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया. लेकिन बीसीसीआई ने कभी औपचारिक तौर पर उन पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाया है.
लोढ़ा समिति के आदेशों का पालन नहीं कर रहा एचसीएः अजहर
अजहर ने अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है - शुरू से ही इस चुनावी प्रक्रिया पर मुझे भरोसा नहीं था, यह धोखाधढ़ी है. मैंने उन्हें (एचसीए)कोर्ट का आदेश भी सौंपा था. इस पर गौर किया जाना चाहिए. निश्चित तौर पर यह दुर्भाग्यजनक है. निर्वाचन अधिकारी को मेरे सवालों का जवाब देना चाहिए, लेकिन वह यहां मौजूद नहीं हैं. मैं कानून का सहारा लूंगा. लोढ़ा समिति के नियमों और आदेशों का एचसीए पालन नहीं कर रहा है.
रिटर्निंग ऑफिसर का पूर्वाग्रह लगता हैः अरशद अयूब
यह तो सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है. जब तेलंगाना सरकार के सलाहकर जी विवेकानंद जो कबिनेट मंत्री का दर्जा रखते हैं, वे कैसे क्वालिफाई कर गए. यह तो रिटर्निंग ऑफिसर का पूर्वाग्रह लगता है.उधर, एचसीए के पूर्व सचिव जे मनोज ने कहा कि नामांकन अस्वीकृति प्रक्रिया के अनुसार नहीं है.
आशीष पांडेय