सुप्रिया सुले ने कहा कि एमएनएस के साथ गठबंधन कर दोनों ठाकरे भाइयों ने नया कदम उठाया है. कांग्रेस के कुछ नेता इस फैसले से नाराज हैं और पुणे तथा पिंपरी चिंचवाड़ में भी इसका विरोध हो रहा है. हालांकि इन नेताओं के साथ राजनीतिक बातचीत भी हुई है. अजित पवार की पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा हुई थी. चुनाव के निर्णय कार्यकर्ताओं पर छोड़े गए हैं क्योंकि नेता माइक्रो मैनेजमेंट से बचना चाहते हैं. बीजेपी और कांग्रेस ने अमरनाथ क्षेत्र में अपना गठबंधन बना लिया है, लेकिन हमारा पक्ष बिना पूछे कोई फैसला नहीं लेता. कार्यकर्ताओं को अपनी जगह और अधिकार मिलने चाहिए.