सुप्रिया सुले ने कहा कि BMC चुनाव को कार्यकर्ताओं का चुनाव कहा जाता है, जो पहली बार कॉर्पोरेशन इलेक्शन में बड़ी भूमिका निभाते हैं. महाराष्ट्र में इस बार गठबंधन का नया मॉडल देखने को मिला है जो देश में अनूठा है. यह चुनाव कार्यकर्ताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे सीधे पार्टी के लिए लड़ते हैं. इस चुनाव में दो महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं. पहला, हर शहर में अलग-अलग एलायंस और मॉडल बनाना जो कहीं और नहीं देखा गया. दूसरा, बिना विरोध के चुनाव में परिवारवाद का बढ़ता प्रभाव, जो चिंता का विषय है. महाराष्ट्र में कुछ उम्मीदवार इतने लोकप्रिय हैं कि उनके खिलाफ कोई लड़ने को तैयार नहीं. यह स्थिति लोकतंत्र के लिए एक चुनौती है और जरूरी है कि इसे समझकर उचित कदम उठाए जाएं.