टैररिस्ट अटैक में ये भाव होता है कि जनता और सरकारें डरकर आतंकियों की मांग मान लें. ये आमतौर पर कोई पॉलिटिकल, धार्मिक या वैचारिक डिमांड होती है. इसी मांग को लेकर हमला किया, या हमले की धमकी दी जाती है. जब कोई संगठन इस हमले की जिम्मेदारी लेता है, तो साबित हो जाता है कि ये आतंकी हमला है. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में ऐसी ही एक घटना देखने को मिली.