देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि मराठी केवल भाषा या जाति की बात नहीं है बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों और मराठी संस्कृति को अपनाने वालों की पहचान है. मुंबई में विभिन्न राज्यों से आए लोग भी मराठी संस्कृति का हिस्सा हैं और गणेश उत्सव में समान रूप से हिस्सा लेते हैं. शरीर की भाषा या जाति से ऊपर, सभी हिंदू हैं और बराबर हैं.