जब हमने बच्ची से जुड़ा हमारा संबंध पक्का किया तो पापा ने कहा कि बच्ची के लिए कुछ ऐसा बनाओ जो पीढ़ी दर पीढ़ी नज़र आए. छह महीने सोच-विचार करने के बाद हमने एक अनोखा विचार निकाला और फिर एक साल मेहनत करके इस नायाब चांदी के बॉक्स को तैयार किया. इस बॉक्स में कुल तीन किलो शुद्ध चांदी लगी है और इसमें कोई अन्य धातु उपयोग नहीं की गई है. इसकी खासियत यह है कि इसमें सबसे पहले श्री गणेशायनम लिखा है. इसके बाद दादा परदादा-दादी जी के नाम, स्वर्गीय श्रीमती हेमी देवी, स्वर्गीय श्री हीरालाल जी सोनी, उनकी पड़पोती स्वर्गीय श्रीमती राधा देवी और श्री सतीश चंद्र जी सोनी डावर की पोती श्रुति संघर्ष के मंगल पर्व का उल्लेख है.