जानें, भावनाओं के लिए कौन से ग्रह जिम्मेदार होते हैं?

भावना के लिए मुख्य रूप से एक ही ग्रह जिम्मेदार होता है - चंद्रमा. अलग अलग ग्रहों के साथ इसका सम्बन्ध होने पर भावनाओं का अलग अलग रूप हो जाता है. पाप ग्रह भावनाओं को दूषित कर देते हैं और शुभ ग्रहों से भावनाएं शुद्ध हो जाती हैं. भावनाएं सबसे ज्यादा दूषित होती हैं राहु से. इसकी वजह से भावनाओं का रूप विकृत हो जाता है.

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भावनाओं के लिए जिम्मेदार ग्रह भावनाओं के लिए जिम्मेदार ग्रह

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 23 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 12:39 PM IST

भावना के लिए मुख्य रूप से एक ही ग्रह जिम्मेदार होता है - चंद्रमा. अलग अलग ग्रहों के साथ इसका सम्बन्ध होने पर भावनाओं का अलग अलग रूप हो जाता है. पाप ग्रह भावनाओं को दूषित कर देते हैं और शुभ ग्रहों से भावनाएं शुद्ध हो जाती हैं. भावनाएं सबसे ज्यादा दूषित होती हैं राहु से. इसकी वजह से भावनाओं का रूप विकृत हो जाता है.

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किस ग्रह से भावनाएं कैसी हो जाती हैं?

सूर्य से क्रूरता और शासन करने की भावना पैदा हो जाती है.

यह जबरदस्ती का भाव भी प्रबल कर देता है

- मंगल क्रूरता और हिंसा दोनों का भाव देता है

- यह अपराध की भावना भी पैदा करता है

- बुध चालाकी की भावना भी देता है और बौद्धिकता की भी

- बृहस्पति भावनाओं को शुद्ध तो करता है

- परंतु कहीं न कहीं अहंकार भी दे डालता है

- शुक्र अत्यधिक भावुक बना देता है

- ऐसे लोग भावनाओं के वशीभूत हो जाते हैं

किस ग्रह से भावनाएं कैसी हो जाती हैं ?

- शनि भावनाओं की खूब परीक्षा लेता है

- कभी कभी व्यक्ति भावनाओं से परेशान होकर अवसाद में चला जाता है

- पर कभी कभी भावनाओं पर काबू पाकर संत सामान हो जाता है

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- राहु भावनाओं को दूषित कर देता है

- कुविचार और घृणित भावनाएं इसी ग्रह से पैदा होती हैं

कैसे अपनी भावनाओं को नियंत्रित करें?

- अगर भावनाएं मन को परेशान कर सकती हों तो

- भगवान् शिव की उपासना विशेष लाभकारी होगी

- सूर्य को जल चढ़ाने से भी खूब लाभ होगा

- गायत्री मंत्र का जप करने से भी फायदा होता है

- भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए ओपल धारण करना भी लाभकारी होता है

कैसे अपनी दूषित भावनाओं को शुद्ध करें?

- एकादशी का उपवास जरूर रखें

- तामसिक वस्तुएं ग्रहण न करें

- सरसों की चीज़ें और बासी खाना न खाएं

- अधिक से अधिक प्राणायाम करें

- गायत्री मंत्र का अभ्यास करें

- एक सोने या पीतल का छल्ला तर्जनी अंगुली में धारण करें

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