वृक्ष और पेड़ पौधों में भी प्राण होते हैं. ये हर तरह की सकारात्मक और नकारात्मक उर्जा को महसूस कर लेते हैं. कुछ वृक्ष केवल सकारात्मक उर्जा देते हैं और कुछ केवल नकारात्मक. शुभ वृक्षों पर तो पितरों और आत्माओं का निवास भी माना जाता है. अगर पितृ पक्ष में शुभ वृक्ष लगाये जाएं या उनकी उपासना की जाय तो पितरों का विशेष आशीर्वाद मिल सकता है.
पहला वृक्ष-पीपल
- पीपल का वृक्ष हिन्दू धर्म में सर्वाधिक पवित्र माना गया है
- पितृ पक्ष में इसकी उपासना करना या इसे लगाना विशेष शुभ होता है
- नियमित रूप से इसके नीचे दीपक जलाने से या इसमें जल डालने से पितृ प्रसन्न होते हैं
- अगर कुंडली में गुरु चांडाल योग हो तो पीपल जरूर लगाना चाहिए
दूसरा वृक्ष-बरगद
- बरगद को आयु देने वाला तथा मोक्ष देने वाला वृक्ष मानते हैं
- अगर आयु की समस्या हो तो बरगद का वृक्ष लगाना चाहिए
- अगर ऐसा लगता है कि पितरों की मुक्ति नहीं हुई है तो बरगद के नीचे बैठकर शिव जी की पूजा करनी चाहिए
- इसके अलावा बरगद के वृक्ष की परिक्रमा भी करनी चाहिए
तीसरा वृक्ष-बेल
- शिव जी को अत्यंत प्रिय यह वृक्ष मुक्ति मोक्ष दे सकता है
- अगर पितृ पक्ष में बेल का वृक्ष लगाया जाय तो अतृप्त आत्मा को शान्ति मिलती है
- अमावस्या के दिन शिव जी को बेल पत्र और गंगाजल अर्पित करने से सभी पितरों को मुक्ति मिलती है
- बेलपत्र पर चन्दन लगाकर शिव जी को अर्पित करने से डरावने या पितरों के सपने नहीं आते
चौथा वृक्ष-अशोक
- कहते हैं, जहां अशोक होता है, वहां शोक नहीं होता
- अशोक का वृक्ष घर के मुख्य द्वार पर लगाने से घर में नकारात्मक उर्जा नहीं आती
- साथ ही घर का भारीपन काफी कम हो जाता है
पांचवां वृक्ष/पौधा-तुलसी
- कहा जाता है, तुलसी का एक पत्ता भी वैकुण्ठ तक पंहुचा सकता है
- दाह संस्कार के बाद उस स्थान पर तुलसी का पौधा लगाया जाता है
- अगर पितृ पक्ष में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जाय तो पितरों को निश्चित मुक्ति मिलती है
- तुलसी के पौधे में नियमित जल देने से पितरों को तृप्ति मिलती है
- तुलसी का पौधा अगर घर में फले फूले तो घर में अकाल मृत्यु की नौबत नहीं आती
सुमित कुमार / aajtak.in