प्रयागराज महाकुंभ में 3 फरवरी को होने वाले बसंत पंचमी के तीसरे अमृत स्नान को लेकर अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है. इसी को देखते हुए और श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक में भी फेरबदल कर दिया गया है. संगम की तरफ जाने वाले हर मार्ग को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है. रविवार रात 10:00 बजे के बाद से किसी भी तरह के वाहन मेला क्षेत्र की तरफ नहीं जाएंगे.
पुलिस व प्रशासन की गाड़ियों के आने-जाने के लिए अलग से मार्ग निर्धारित किए गए हैं. वहीं, श्रद्धालुओं के लिए ज्यादा से ज्यादा मार्गों पर आने-जाने की व्यवस्था की गई. पांटून पुल को भी लोगों के आने-जाने के लिए क्रमवार खोला गया है.
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श्रद्धालुओं के संगम में रुकने की रहेगी मनाही
भीड़ इकट्ठा नहीं होने देने का फार्मूला वसंत पंचमी स्नान में सख्ती से लागू होगा. ऐसे में श्रद्धालुओं को स्नान के पहले या उसके बाद कहीं पर भी संगम क्षेत्र में रुकने नहीं दिया जाएगा. प्रशासन की तरफ से ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके. आपको बता दें कि मौनी अमावस्या के दिन संगम नोज पर अधिकतर श्रद्धालु रुके हुए थे. जब भीड़ बढ़ी तो बैरिकेड्स टूट गए और वो कुचल गए थे.
वैभव कृष्ण, डीआईजी महाकुंभ मेला ने इंडिया टुडे को मौनी अमावस्या भगदड़ से मिली सीख के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा को देखते हुए मेला क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों को बढ़ाया गया है. बसंत पंचमी पर अमृत स्नान समाप्त होने तक सभी अधिकारी और जवान अभी से अपनी जगह पर मौजूद रहेंगे. संगम और झूंसी में ऐसी घटना न हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं.
गौरव सावंत