अब जब हम इस बात को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सन्दर्भ में देखें तो चाहे वो नोटबंदी रही हो या फिर सर्जिकल स्ट्राइक 1 और 2 किसी को कानों कान इस बात की भनक नहीं लगी कि मोदी ऐसा कुछ करने वाले हैं. जब उन्होंने ये सभी चीजें की तो लोगों ने हैरत के चलते दांतों तले अंगुली दबा ली और ये कहा कि देश की लीडरशिप मजबूत हाथों में है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सरप्राइजिंग फैक्टर कितना प्रबल है? इसे हम हम उस बात से भी समझ सकते हैं जब उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा ने बम्पर जीत दर्ज की. बात सूबे के मुख्यमंत्री की आई तो तमाम नाम प्रस्तावित हुए और बाद में योगी आदित्यनाथ सूबे के मुखिया की कुर्सी पर बैठे. नरेंद्र मोदी के इस फैसले ने लोगों को खूब आश्चर्य में डाला. इसी तरह 2019 के आम चुनाव में लोगों को इसी आश्चर्य की अनुभूति तब हुई जब कई महत्वपूर्ण लोगों को हटाकर भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से अपना प्रत्याशी चुना.
बिच्छु के बारे में कहा जाता है कि, बिच्छू जब चलता है तो पूरे आत्मविश्वास के साथ चलता है. साथ ही ये अपनी चाल और बनावट से लोगों को प्रभावित करता है. ये बात भी पीएम मोदी पर बिल्कुल फिट बैठती है. पीएम मोदी के आलोचक भी इस बात पर सहमत हैं कि उनका ऑरा और लोगों को प्रभावित करने का ढंग कमाल का है.
वृश्चिक राशि वाले लोग जो एक बार ठान लेते हैं उसे पूरा करने के लिए कठोर परिश्रम करने से घबराते नहीं हैं. इस बात के लिए हम कांग्रेस और जवाहरलाल नेहरू का उदाहरण ले सकते हैं. पीएम मोदी ने इनके साथ क्या किया वो हमारे सामने हैं. वृश्चिक राशि के लोगों के अन्दर बदला लेने की भावना प्रबल होती है. ये अपने दुश्मन को आसानी से छोड़ते नहीं हैं. आप ने देखा होगा बिच्छू जिसको काटता है उस पर बिच्छू के डंक का असर काफी समय तक रहता है. नरेंद्र मोदी के सन्दर्भ में हम इसे राहुल गांधी के "चौकीदार चोर है" के अभियान से समझ सकते हैं.
अपनी अलग अलग रैलियों में राहुल ने खुद को चौकीदार कहने वाले नरेंद्र मोदी को चोर कहा था. नरेंद्र मोदी ने उस बात को लेकर जिस तरह से राहुल से बदला लिया है, खुद इस बात को साफ कर देता है कि शायद उस चीज को लेकर आज भी राहुल को सपने आते और डराते हों.
वृश्चिक राशि वालों से उनके दुश्मन सामना करने से घबराते हैं. इनका आत्मविश्वास दुश्मन को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. वृश्चिक राशि के लोग अपने आत्मविश्वास के दम पर असंभव को संभव कर दिखाते हैं और जीवन में अपना लक्ष्य पाने में कामयाब होते हैं. कोई भी कठिन से कठिन कार्य यदि ये अपने हाथ में लेते हैं तो पूरे समय पर पूरा करने के लिए पूरा जोर लगा देते हैं और अपनी आसाधारण इच्छा शक्ति के दम पर जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं.
नरेंद्र मोदी जी के अंदर भी ऐसे ही आसाधरण गुण है नरेंद्र मोदी कठोर परिश्रम करके अपना लक्ष्य हासिल करने में कामयाब होते हैं चाहे वो तीन तलाक का मुद्दा रहा हो या फिर जीएसटी, देश की आंतरिक सुरक्षा सभी चीजों पर जिस कुशलता से नरेंद्र मोदी ने काम किया है वो हमारे सामने है.
ज्योतिषी आधार पर यदि नरेंद्र मोदी की कुंडली का गहन विश्लेषण किया जाए तो मोदी जी की वृश्चिक लग्न की कुंडली है. फ़िलहाल कुंडली में चंद्रमा की महादशा चल रही है जो दिसंबर 2020 तक चलेगी और शुक्र की अंदरदशा चल रही है जो जून 2020 तक चलेगी. चंद्रमा मोदी की कुंडली में भाग्य स्थान का स्वामी है और लग्न में लग्नेश मंगल के साथ बैठा हुआ है. यानि भाग्येश और लग्नेश साथ-साथ बैठे हुए हैं.
भाग्येश की महादशा भी चल रही है. शुक्र नरेंद्र मोदी जी की कुंडली में सातवें घर और बारहवें घर का स्वामी और दसवें घर में शनि के साथ बैठा हुआ है. ग्रहों की स्थिति ये संकेत देती है कि नरेंद्र मोदी जी का समय अच्छा है. लोकसभा चुनाव 2019 में भी नरेंद्र मोदी जी ने कठोर परिश्रम किया है और उसका अच्छा परिणाम भी देखने को मिलेगा.