मतगणना का दिन 23 मई राजनीतिज्ञों के लिए पांच साल में आने वाला सबसे महत्वपूर्ण दिन है. नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, मायावती अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे दिग्गजों का आगामी भविष्य इस दिन पर निर्भर रहने वाला है. साथ ही, देश और देशवासियों का भविष्य 23 मई, गुरुवार को कैसा रहने वाला है, बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य डॉ अरुणेश कुमार शर्मा.
राहुल गांधी-
कांग्रेस अध्यक्ष और नेतृत्वकर्ता राहुल गांधी की राशि में मतगणना का आगमन उनके लिए हितकर है. साथ ही उनकी जन्मराशि धनु में मतगणना का आरंभ लाभप्रद है. हालांकि 23 का अंक उनके लिए विशेष प्रभावी न होने से शुरूआती रुझान कमजोर रह सकते हैं. कांग्रेस की राशि मिथुन गिनती आरंभ होने के समय लग्न में रहेगी. यह कांग्रेस और राहुल गांधी दोनों के लिए शुभ है. शाम के समय से परिस्थितियां अधिक सकारात्मक होंगी. मतगणना 24 तारीख तक चलते रहने पर उन्हे निश्चित ही अधिक फायदा होगा. कारण 6 अंक उनका भाग्यांक है.
ममता बनर्जी-
तृणमूल कांग्रेस की सर्वेसर्वा और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बसपा सुप्रीमो मायावती की नामानुसार सिंह राशि है. नैसर्गिक बली सूर्य की यह राशि इन्हें राजनीति में प्रभावशाली बनाता है. मतगणना के दिन धनु-मकर का चंद्रमा इनकी राशि से पांचवां और छठवां रहेगा. यह स्थिति विपक्षियों पर भारी पड़ने वाली है. इन दोनों नेताओं का भाग्य इनके दलों को लाभ में बनाए रखेगा. प्रतिस्पर्धा में आगे रहेंगी. विरोधियों के दमन में भी मतगणना का दिन असरकारी है.
अमित शाह, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश-
अमित शाह, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश की राशि मेष है. चंद्रमा का भाग्य और कर्म स्थान में संचरण योगकारक है. अमित शाह की अध्यक्षता में भाजपा, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी अच्छा करेगी. हालांकि चंद्रमा के साथ शनि-केतु का संयोग अच्छा नहीं माना जा सकता है. गुरु का गोचर भी अष्टम में कमजोर बना हुआ है. अतः ये तीनों नेता अपेक्षित परिणाम पाने में शायद ही सफल हों.
भारतवर्ष-
भारतवर्ष और भारतवासियों के लिए मतगणना का दिन प्रभावशाली है. धनु के चंद्रमा से जनता के कारक ग्रह शनिदेव से संयोग आम लोगों के लिए लाभकर है. हालांकि केतु की युति भ्रमपूर्ण स्थिति की परिचायक है. ऐसे में यह कहा जा चंद्र शनि जनता के हित में निर्णय कराएंगे. लेकिन जनता की मनःस्थिति स्पष्ट बहुमत की संकेतक नहीं है. ऐसे में कहा जा सकता है कि मतगणना के दिन किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने जा रहा है.