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धर्म

क्या है गुप्त नवरात्रि, धन प्राप्ति के लिए कर सकते हैं ये अचूक उपाय

aajtak.in/मंजू ममगाईं
  • 02 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 2:21 PM IST
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आमतौर पर लोग हर साल पड़ने वाले केवल दो नवरात्रों चैत्र या वासंतिक नवरात्र और आश्विन या शारदीय नवरात्र के बारे में जानते हैं. लेकिन इसके अलावा भी दो अन्य नवरात्र होते हैं, जिनमे देवी के भक्त अपनी विशेष कामनाओं की सिद्धि के लिए उनकी उपासना करते हैं. हालांकि बहुत कम लोग ही इन नवरात्रों के बारे में जानते हैं जिसकी वजह से इन्हें गुप्त नवरात्र कहा जाता है. हर साल पड़ने वाले यह चारों नवरात्र ऋतु परिवर्तन के समय मनाए जाते हैं.

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महाकाल संहिता और तमाम शाक्त ग्रंथों में इन चारों नवरात्रों का महत्व बताया गया है. इस बार आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्रि 03 जुलाई से आरम्भ होकर 10 जुलाई तक रहेगी. इस गुप्त नवरात्रि में किसी भी तरह का तांत्रिक प्रयोग फलदाई होता है. विशेषकर अगर धन प्राप्ति के प्रयोग किए जाते हैं तो वो जरूर सफल होते हैं.

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1- अगर नौकरी में धन न मिल पा रहा हो-
- गुप्त नवरात्रि में लाल आसन पर बैठकर मां की आराधना करें.
- मां को लाल कपडे में रखकर दो लौंग पूरे नौ दिन चढ़ाएं.
- हर दिन कपूर से उनकी आरती करें.
- नवरात्रि समाप्त हो जाने पर सारी लौंग लाल कपडे में बांधकर सुरक्षित रख लें.
- धन की समस्याएं दूर होंगी.

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2- अगर कारोबार में धन न आ रहा हो-
- गुप्त नवरात्रि में रोज शाम मां लक्ष्मी की पूजा करें.
- मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं.
- उनके सामने श्रीसूक्तम का पाठ करें.
- गुप्त नवरात्रि में किसी भी दिन कच्चा सूत हल्दी से रंगकर पीला कर लें.
- इसे मां लक्ष्मी को समर्पित करके अपने गल्ले में रख लें.
- धन का आगमन ठीक हो जाएगा.

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3- अगर कर्ज की समस्या से परेशान हों-
- गुप्त नवरात्रि में नित्य प्रातः मां दुर्गा की पूजा करें.
- नित्य प्रातः उनको लाल फूल अर्पित करें.
- इसके बाद उनके सामने सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करें.
- पाठ के बाद कर्ज मुक्ति की प्रार्थना करें.
- निश्चित रूप से कर्ज से मुक्ति मिलेगी.

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4- हर तरह के धन लाभ के लिए-
- गुप्त नवरात्रि में प्रातः और सायंकाल दोनों वेला मां दुर्गा की पूजा करें.
- प्रातः उन्हें सफ़ेद फूल अर्पित करें और शाम को लाल फूल.
- दोनों वेला एक विशेष मंत्र का 108 बार जप करें.
- मंत्र होगा - ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट्‍ स्वाहा ॥
- नवमी के दिन किसी निर्धन बालिका को वस्त्र और उपहार देकर आशीर्वाद लें

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