आज यानि 31 जनवरी 2018 को साल का सबसे पहला और दुर्लभ चन्द्र ग्रहण लगा है. यह खग्रास ग्रहण लगभग 150 साल बाद लगने जा रहा है. इस बार यह ग्रहण इसलिए भी ख़ास है क्योंकि यह काल सर्प योग में लग रहा है इसलिए कई राशियों के लिए यह अशुभ संकेत है. पौराणिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण धरती के वातावरण को अशांत और दूषित करता है. इस नकारात्मक प्रभाव को कुछ उपायों से कम किया जा सकता है. दूसरी तरफ शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के समय दिया हुआ दान, जप, तीर्थ, स्नानादि का फल अनेक गुणा होता है.
मेष -
ग्रहण के दौरान शिव जी की उपासना करें.
ग्रहण के बाद हरी वस्तुओं का दान करें.
वृष-
ग्रहणकाल में कृष्ण जी की उपासना करें.
ग्रहण के बाद लाल फल का दान करें.
मिथुन- ग्रहणकाल में बजरंग बाण का पाठ करें.
ग्रहण के पश्चात सफ़ेद वस्तुओं का दान करें.
कर्क-
ग्रहणकाल में चन्द्रमा के मंत्र का जाप करें.
ग्रहण के पश्चात काली वस्तुओं का दान करें.
सिंह-
ग्रहणकाल में यथाशक्ति हनुमान चालीसा का पाठ करें.
ग्रहण के बाद जूते या छाते का दान करें.
कन्या-
ग्रहणकाल में रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें.
ग्रहण के पश्चात अन्न का दान करें.
तुला-
ग्रहणकाल में दुर्गा कवच का पाठ करें.
ग्रहण के बाद काली वस्तुओं के दान से लाभ होगा.
वृश्चिक-
ग्रहणकाल के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करें.
ग्रहण के बाद फलों के दान से और भी ज्यादा लाभ होगा.
धनु-
ग्रहणकाल में चन्द्रमा के मंत्र का जाप करें.
ग्रहण के बाद सफ़ेद वस्तुओं का दान करें.
मकर- ग्रहणकाल में हनुमान बाहुक का पाठ करें. ग्रहण के बाद लाल फल का दान लाभकारी होगा.
कुम्भ-ग्रहणकाल में शिव जी की उपासना करें.
ग्रहण के बाद निर्धनों को भोजन कराएं.
मीन- ग्रहणकाल में श्रीकृष्ण की उपासना करें.
ग्रहण के बाद केले का दान करें.