Makar Sankranti 2026 : हिंदू धर्म में मकर संक्रांति को बेहद पावन पर्व माना गया है. इस अवसर पर सूर्य भगवान धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तर दिशा की ओर अपनी गति आरंभ करते हैं, जिसे उत्तरायण कहा जाता है. इस दिन धार्मिक स्नान, दान-पुण्य और खास तरह के भोजन से जुड़ी अनेक मान्यताएं प्रचलित हैं. (Photo; Pixabay)
मकर संक्रांति के अवसर पर स्नान के पश्चात सूर्य देव को जल अर्पित करने की परंपरा है. तिल और गुड़ से बने खाने की चीजों का इस्तेमाल और उनका दान बेहद फलदायी माना जाता है.साथ ही सूर्य आराधना से जुड़े इस पर्व में नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक समझा जाता है. जानते हैं उन नियमों के बारे में.(Photo: Pixabay)
यदि इस शुभ तिथि पर अनजाने में भी नियमों की अवहेलना हो जाए, तो माना जाता है कि इससे सूर्य देव नाराज हो सकते हैं, इसलिए 14 जनवरी को किन कार्यों से दूरी बनानी चाहिए, यह जानना जरूरी है. (Photo: Pixabay)
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र स्नान करना शुभ माना गया है. बिना स्नान किए भोजन ग्रहण करना वर्जित माना जाता है. साथ ही, इस दिन सूर्यास्त के बाद भोजन करने से भी बचना चाहिए. (Photo; Pixabay)
मकर संक्रांति के दिन सात्विक जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है. इस मौके पर लहसुन, प्याज, मांस और शराब जैसे पदार्थों का सेवन करने की मनाही है. परंपरा के अनुसार खिचड़ी का भोजन विशेष पुण्यकारी होता है और कई क्षेत्रों में इस दिन रोटी बनाना भी उचित नहीं समझा जाता. (Photo; Pixabay)
इसके अलावा, मकर संक्रांति पर वृक्षों की कटाई या पौधों की छंटाई नहीं करने की सलाह दी जाती है. यही कारण है कि कई किसान इस पर्व के दिन फसलों की कटाई से भी परहेज करते हैं. (Photo: Pixabay)
मकर संक्रांति के दिन नाखून काटना या बाल कटवाने की भी मनाही है. इस दिन सूर्य देव की उपेक्षा भी नहीं करनी चाहिए. (Photo: Pixabay)