शादी के 7 साल बाद महिला ने एक साथ दिया था 5 बच्चों को जन्म, सभी नवजातों की मौत

एक महिला शादी के बाद सात साल तक मां बनने का इंतजार करती रही. इस दौरान वह कई डॉक्टरों के पास गई. फिर एक दिन उसने पांच बच्चों को एक साथ जन्म दिया. अब नियति की क्रूरता देखिए कि सभी नवजातों की जान चली गई.

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डॉक्टर नहीं बचा पाए नवजातों की जान डॉक्टर नहीं बचा पाए नवजातों की जान

गोपाल लाल माली

  • करौली,
  • 26 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 9:14 PM IST

शादी के बाद सात साल तक वो लंबा इंतजार और फिर एक साथ पांच बच्चों का जन्म. राजस्थान के करौली के एक महिला के आंचल में एक साथ इतनी खुशियां आईं कि परिजन खुशी से चहक उठे. हालांकि ये खुशियां ज्यादा देर नहीं रहीं. डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, पर इन बच्चों को बचा नहीं सके. इनमें तीन लड़के और दो लड़कियां थीं.

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दरअसल, करौली में मासलपुर पंचायत समिति के पिपरानी गांव निवासी रेशमा शादी के सात साल बाद पहली बार मां बनी थी. उनकी उम्र 25 साल है. रेशमा ने करौली के एक निजी चिकित्सालय में सोमवार को एक साथ इन बच्चों को जन्म दिया था. डॉक्टर आशा मीणा ने बताया कि इन नवजातों की उम्र करीब सात माह थी. जन्म लेने के बाद बच्चे कमजोर थे और उन्हें राजकीय हॉस्पिटल मातृ एवं शिशु इकाई स्थित एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था.

एसएनसीयू इकाई के प्रभारी डॉ. महेंद्र मीणा ने बताया था कि सभी नवजात 300-660 ग्राम तक वजन के थे. उनको इनक्यूबेटर में रखा गया. इन बच्चों को जयपुर शिफ्ट करने की तैयारी चल रही थी. हालांकि नियति की क्रूरता देखिए, डॉक्टर पूरी कोशिश के बाद इन नवजातों को जिंदगी नहीं दे सके.

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इससे पहली इसी अस्पताल में 22 जुलाई को एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया था.  डॉ. महेंद्र मीणा ने बताया कि 22 साल की लोटन बाई ने इन बच्चों को जन्म दिया था. इनमें एक लड़के और दो लड़कियां थीं. लोटन बाई भी शादी के बाद पहली बार मां बनी.

 

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