राजस्थान में पेपर लीक मामले पर हो रही छीछालेदर के बीच राज्य सरकार में मंत्री परसादी लाल मीणा ने भी बयान दिया है. राजस्थान के कोटा जिले के प्रभारी, मंत्री परसादी लाल मीणा ने अध्यापक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले में कहा कि सरकार का काम कॉलेज खोलना है, पेपर लीक होना सरकार की नाकामी नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि एक ही तो पेपर लीक हुआ है. परीक्षा निरस्त पहले भी होती आई है, हर स्टेट में होती है. पेपर लीक हुआ तो हमने परीक्षा रद्द कर दी, कठोर कार्रवाई की है. लोगों को जेल में भी डाला है. हमने उनको गिरफ्तार भी कर लिया है, अब भी कानूनी कार्रवाई करेंगे, कोई गोली थोड़ी मार देंगे. कोचिंग वालों की इसमें संलिप्तता है. इनका यह धंधा है.
सीएम गहलोत ने कही ये बात
बता दें कि राज्य के सीएम अशोक गहलोत ने भी इस मामले में ट्वीट कर कहा था कि दुर्भाग्य से देशभर में पेपर लीक करने वाले गैंग पनप गए हैं, जिससे कई राज्यों में यहां तक कि ज्यूडिशियरी एवं मिलिट्री तक में पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं. लेकिन राजस्थान में सख्त कार्रवाई कर बेईमानों को जेल में बंद किया गया है.
परीक्षा शुरू होने से पहले ही लीक हो गया पेपर
बताते चलें कि राजस्थान से बीते दिन यानी शनिवार को ही खबर आई कि परीक्षा से पहले एक और भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया है. राजस्थान सरकार ने पेपर लीक होने के बाद भर्ती परीक्षा शुरू होने से पहले ही रद्द कर दिया. परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले परीक्षा रद्द किए जाने की वजह से इसमें शामिल होने के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा.
लीक होने की वजह से रद्द करना पड़ा पेपर
24 दिसंबर को राजस्थान में सेकंड ग्रेड अध्यापकों की भर्ती के लिए परीक्षा होनी थी. परीक्षा शुरू होने से पहले ही इसका पेपर बाहर घूमने लगा, सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो गया. बात अधिकारियों तक पहुंच गई. मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने आनन-फानन में शुरू होने से ठीक पहले परीक्षा को रद्द करने का ऐलान कर दिया. बताया जाता है कि सूबे के साथ ही दूर-दराज से भी बड़ी तादाद में अभ्यर्थी सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती के लिए परीक्षा देने पहुंचे थे. परीक्षा केंद्रों पर शनिवार की सुबह परीक्षा कराने की प्रक्रिया भी चल रही थी. अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में एंट्री भी दे दी गई. अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए परीक्षा हॉल में आवंटित सीट पर भी बैठ गए.
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