राजस्थान में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है. महिला अधिकारी ने एक साल में 26 फ्लैट खरीदे हैं और सिर्फ दो दिनों में सभी की रजिस्ट्री हुई है. सरकारी महिला अधिकारी ज्योति भारद्वाज जयपुर सचिवालय में शासन सचिव के पद पर हैं.
बीते साल उन्होंने जो 26 फ्लैट खरीदे हैं उसमें से 15 की रजिस्ट्री खुद के नाम से कराई है जबकि 11 फ्लैटों की रजिस्ट्री बेटे रोशन वशिष्ठ के नाम से हुई है. मामला सामने आने के बाद बिल्डर ने कहा कि हमारे साथ फ्रॉड हुआ और मामला अभी कोर्ट में चल रहा है जबकि महिला अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया.
जयपुर सचिवालय में कार्यरत महिला अधिकारी ज्योति भारद्वाज शासन सचिव के पद पर कार्मिक विभाग में कार्यरत हैं. उनको स्टोर में सामान खरीदने का प्रभारी भी बनाया गया है. वो अलवर में लंबे समय तक जिला कोषाधिकारी और मत्स्य विश्वविद्यालय में वित्तीय नियंत्रक के पद पर भी रह चुकी हैं.
कर्मचारियों द्वारा सरकार को हर साल अपनी प्रॉपर्टी की जानकारी देने होती है. इसमें महिला अधिकारी ने प्रॉपर्टी की डिटेल्स में तीन मकान का जिक्र किया था जिसमें एक उनके पति के नाम हैं. इस पर पति का लोन चल रहा है जबकि दो उन्होंने अपने नाम पर दिखाया था. दस्तावेजों में कहा गया था कि वो मकान भी लोन पर लिया गया है. वहीं दूसरी तरफ सब रजिस्टर कार्यालय जयपुर में चार-पांच मार्च 2022 को 26 फ्लैट की रजिस्ट्री हुई जिनकी कीमत 4 करोड़ 71 लाख रुपए है और इसके लिए 30 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी भी चुकाई गई.
यह पूरा मामला सामने आने के बाद ज्योति भारद्वाज पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई हैं. रजिस्ट्री के समय चेक से फ्लैट का पेमेंट किया गया था लेकिन अभी तक चेक को बैंक में नहीं लगाया गया. रजिस्ट्री के अनुसार 5 मार्च 2022 को ज्योति भारद्वाज के नाम कल 2.74 करोड़ रुपये की रजिस्ट्री की गई. इसके बदले 17.8 लाख रुपए स्टांप ड्यूटी दी गई.
26 फ्लैट की हुई थी खरीददारी
इसमें फ्लैट संख्या 1205, 1207, 1203, 1204, 1214, 1216, 1007, 1014, 1015, 1016, 1104, 1105, 1115, 1116 और 1119 शामिल है जबकि बेटे के नाम 4 मार्च 2022 को रजिस्ट्री की गई. इसमें फ्लैट की कीमत 1.97 करोड रुपए थी जिसकी स्टाम्प ड्यूटी 12.24 लख रुपए चुकाई गई. इसमें फ्लैट संख्या 707, 714, 804, 807, 814, 816, 904, 1008, 919, 1004, 916 शामिल है.
सरकार ने दिए जांच के आदेश
इस संबंध में जब बिल्डर से संपर्क किया गया तो बिल्डर ने कहा कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है. यह मामला भी कोर्ट में चल रहा है. उनके सभी चेक बाउंस हो गए हैं. ऐसे में महिला अधिकारी इस समय पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई हैं. सोशल मीडिया पर उनकी प्रॉपर्टी की चर्चा हो रही है. सरकारी कर्मचारियों के लेनदेन और कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं. इस मामले में आरोपी अधिकारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितता और आय से अधिक संपत्ति को लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं.
हिमांशु शर्मा