राजस्थान के धौलपुर जिले में बजरी माफियाओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा मामला सरमथुरा थाना इलाके के झिरी गांव का सामने आया है. बुधवार रात को झिरी वन्यजीव चंबल सेवर की चौकी पर तैनात वन रक्षक जीतेन्द्र सिंह शेखावत को अवैध चंबल बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कुचल दिया. ट्रैक्टर का पहिया वन रक्षक के पैर पर से गुजर गया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई. गंभीर चोट के चलते उन्हें पहले सरमथुरा अस्पताल और फिर जयपुर हायर सेंटर रैफर किया गया.
सरमथुरा उपखंड के क्षेत्रीय वन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि 8 जनवरी की रात्रि साढ़े बारह बजे नाका झिरी रेन्ज से वनपाल बने सिंह को फोन आया कि वन रक्षक गंभीर रूप से घायल हैं. घटना की जानकारी पाकर नाका झिरी पर तैनात अन्य स्टाफ जगदीश, नरेश और घनश्याम मौके पर पहुंचे और घायल वन रक्षक को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया. मौके पर देखा गया कि बायां पैर और जांघ बुरी तरह कुचली हुई थी और वह बेहोशी की हालत में थे.
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घटना और बजरी माफियाओं की करतूत
जानकारी के अनुसार यह हमला चौकी से मात्र 200 मीटर की दूरी पर झिरी गांव में हुआ. घटना के बाद बजरी माफिया अपने-अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर फरार हो गए. तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित उनका भागना झिरी सरपंच प्रतिनिधि संजू सिंह जादौन के मकान के सीसीटीवी में कैद हो गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
चंबल नदी के तटीय क्षेत्र से बजरी माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से धड़ल्ले से बजरी का परिवहन कर रहे हैं. उनके दुस्साहस और खौफ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सामने आने वाले किसी भी व्यक्ति या अधिकारियों को वह टक्कर मारने से नहीं चूकते. कई बार बजरी माफिया पुलिस को भी निशाना बना चुके हैं.
वन रक्षक की हालत और आगे की कार्रवाई
घायल वन रक्षक का उपचार जयपुर में चल रहा है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. वन अधिकारी और पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बजरी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध बजरी खनन में शामिल माफियाओं से दूरी बनाकर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें. इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि धौलपुर के चंबल क्षेत्र में बजरी माफियाओं का आतंक कितना बढ़ा हुआ है.
उमेश मिश्रा