भारत-पाक तनाव: 2 दिन से सो नहीं सके सरहद पर रहने वाले, लेकिन सेना पर अटूट भरोसा

पश्चिमी राजस्थान में पूर्ण ब्लैकआउट लागू रहा और बाड़मेर सहित कई इलाकों में निवासियों को सचेत करने के लिए सायरन बजाए गए. लोगों ने ब्लैकआउट दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया.

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भारत और पाक संघर्ष के दौरान बाड़मेर में एक अज्ञात वस्तु का मलबा गिरा. भारत और पाक संघर्ष के दौरान बाड़मेर में एक अज्ञात वस्तु का मलबा गिरा.

aajtak.in

  • जैसलमेर,
  • 10 मई 2025,
  • अपडेटेड 11:20 AM IST

पाकिस्तान के ड्रोन हमलों की नई लहर ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में दहशत फैलाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया. जैसलमेर और बाड़मेर में किसी भी नुकसान की खबर नहीं है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है. 

जैसलमेर के निवासी जालम सिंह ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, "हमारी सेना ने जिस तरह ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया, उससे हमारा भरोसा बढ़ा है कि पाकिस्तान हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता." 

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शुक्रवार रात पोखरण में पहला ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद जैसलमेर और बाड़मेर के अन्य इलाकों में भी ऐसे प्रयास किए गए. भारतीय सेना ने सभी ड्रोन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया. जालम सिंह ने कहा, "हम दो रातों से सोए नहीं हैं, लेकिन हमारी सेना पर पूरा भरोसा है."

पश्चिमी राजस्थान में पूर्ण ब्लैकआउट लागू रहा और बाड़मेर सहित कई इलाकों में निवासियों को सचेत करने के लिए सायरन बजाए गए. लोगों ने ब्लैकआउट दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया. जालम सिंह की पत्नी बबीता ने कहा, "इन नियमों का पालन करना हमारा कर्तव्य है; यह हमारी सुरक्षा के लिए है." 

स्थानीय ज्योतिषी उमेश आचार्य ने स्थिति की तुलना कोविड-19 महामारी के दौरान लगे प्रतिबंधों से की. उन्होंने कहा, "हम शाम 5-6 बजे तक घर लौट आते हैं और अंदर रहते हैं. हमारे बल सतर्क हैं और पाकिस्तान को सबक सिखाने में सक्षम हैं." 

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रिटायर्ड वन रेंजर जैथमल सिंह ने 1971 के युद्ध की यादें ताजा करते हुए कहा कि उस समय सूचना की कमी और अफवाहों से डर फैलता था. उन्होंने कहा, "आज हमारी सेना की त्वरित कार्रवाई और टेलीविजन-मोबाइल फोन से मिलने वाली वास्तविक समय की जानकारी ने डर को खत्म कर दिया है. जिला प्रशासन ने पहले से सचेत करने में शानदार काम किया है."

शनिवार सुबह बाड़मेर के बायतू, बालोतरा और जैसलमेर के बडोदा गांव में ड्रोन हमलों के बाद संदिग्ध वस्तुएं मिलीं. पुलिस ने इनकी जांच शुरू कर दी है. शुक्रवार रात 9 बजे जैसलमेर में हुए हमले के बाद जोधपुर में ब्लैकआउट को तत्काल लागू किया गया, जो पहले आधी रात से शुरू होने वाला था. बाड़मेर, श्रीगंगानगर, फलौदी और जोधपुर में भी ब्लैकआउट लागू किए गए. 

7-8 मई की रात को फलौदी, नाल और उत्तरलाई में एयरबेस पर ड्रोन हमलों के प्रयास किए गए, जिन्हें भारतीय सेना ने निष्प्रभावी कर दिया. स्थानीय लोगों में सेना की त्वरित कार्रवाई से आत्मविश्वास और आश्वासन की भावना बनी हुई है.

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