मालेगांव बम धमाके मामले में 17-18 साल बाद अदालत का बड़ा फैसला आया है. एनआईए कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया और भगवा आतंकवाद की थ्योरी को मिथ्या बताया. भारतीय जनता पार्टी ने इसे कांग्रेस पार्टी का षड्यंत्र कहा, जबकि कांग्रेस नेताओं ने 'आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता' की बात कही.