देश की सियासत में धर्म सबसे हिट फॉर्मूला माना जाता है. हर पार्टी अपने एजेंडे के हिसाब से इस फॉर्मूले को भुनाती है. त्योहारों का है ऐसे में इसमें सियासी रंग चढ़ना शुरू हो चुका है. राजस्थान में रमजान में बिजली ना काटने का फरमान जारी किया गया. तो दिल्ली जल बोर्ड ने मुस्लिम कर्मचारियों को रियायत वाला आदेश जारी कर दिया. दक्षिणी दिल्ली में मांस की ब्रिकी के आदेश पर हंगामा शुरू हो गया. ऐसे में धर्म के नाम पर क्या है सियासत का पूरा खेल? राजस्थान में अल्लाह के आबिदों के लिए अच्छी खबर है, अच्छी खबर है राजस्थान के रोजेदारों के लिए, अच्छी खबर ये है कि अब राजस्थान में मुस्लिमों को रात के अंधेरे में नहीं खोलना होगा रोजा, अंधेरे में नहीं करनी होगी इफ्तारी.क्योंकि अच्छी खबर आई है, मुस्लिम इलाकों की गलियां रोशनी से नहाई हैं.
In Rajasthan, a decree was issued not to cut electricity during Ramadan. So the Delhi Jal Board issued a concession order to the Muslim employees. A ruckus started in South Delhi over the order for the sale of meat. In such a situation, what is the whole game of politics in the name of religion? Watch Dangal debate show with Chitra Tripathi