मध्य प्रदेश में अपने संसदीय क्षेत्र दमोह पहुंचे केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं जलशक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने पुलिस सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया. सुसाइड मामले में स्थानीय बीजेपी नेता पर पुलिस की कार्रवाई से मंत्री नाराज हैं. पुलिस ने आत्महत्या के मामले में बीजेपी नेता सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.
दरअसल, राशन दुकान के संचालक ने आत्महत्या के पहले सुसाइड नोट में यशपाल ठाकुर का नाम लिखा था. इसके बाद पुलिस ने बीजेपी नेता यशपाल सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसी बात से केंद्रीय मंत्री नाराज हैं.
समर्थकों ने केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन
यशपाल ठाकुर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता, पार्षद प्रतिनिधि और सांसद प्रतिनिधि हैं. उनके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से समर्थक नाराज हैं. उन्होंने सांसद कार्यालय जाकर प्रहलाद सिंह पटेल से मुलाकत की और यशपाल ठाकुर को निर्दोष बताया. इस दौरान नाराज समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को हटाने की भी मांग की. साथ ही केंद्रीय मंत्री को इस पूरे मामले में ज्ञापन भी सौंपा.
यशपाल ठाकुर समर्पित कार्यकर्ता- प्रहलाद सिंह
इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यशपाल ठाकुर भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं. सुसाइड नोट में जो नाम लिखा गया है, उसमें पहले हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच होनी चाहिए. इसके बाद ही पुलिस को कोई एक्शन लेना चाहिए.
उन्होंने पुलिस के द्वारा बिना जांच की गई कार्रवाई पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंद चौहान और प्रदेश अध्यक्ष बी. डी. शर्मा को भी अवगत कराया. इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री ने निजी सुरक्षा गार्ड को छोड़कर दमोह पुलिस की सुरक्षा को वापस कर दिया.
शांतनु भारत