Mahashivratri 2023: उज्जैन में महाशिवरात्रि का पर्व विश्व प्रसिद्ध बाबा श्री महाकालेश्वर भगवान के दरबार से भस्मारती से शुरू हुआ, जहां बढ़ी संख्या में भक्त बाबा की भस्मारती में शामिल हुए. सबसे पहले सुबह बाबा के दरबार के पट खुले, उसके बाद बाबा को जल अर्पित कर दूध, दही और सुगन्धित द्रव्यों से पंचामृत अभिषेक पुजारियों द्वारा किया गया. इसके बाद महाकालेश्वर भगवान का मनमोहक श्रृंगार कर महानिर्वाणी अखाड़े के महंत ने भस्म चढ़ाई.
इस दौरान भस्मारती में मौजूद हर श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर भाव विभोर हो गया. महाकालेश्वर भगवान की एक झलक पाने के शिवरात्रि पर्व के एक दिन पहले ही बढ़ी संख्या में दर्शनार्थी बाबा के दरबार पहुंच चुके थे. बीते दिन भी भगवान महाकाल के दरबार मे 3 से 4 लाख दर्शनार्थियों ने पहुंचकर बाबा के दर्शन किए थे. शनिवार सुबह जैसे ही बाबा के पट खुले तो भक्तों का लंबी लाइन बाबा महाकाल के दर्शन के लिए खड़ी हुई है और दिन भर यह सिलसिला जारी रहेगा.
44 घंटे तक जारी रहेंगे बाबा महाकाल के दर्शन
भक्तों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए लगातार 44 घंटे तक बाबा महाकाल के दर्शन जारी रहेंगे. आज बाबा की 4 पहर की पूजा होगी और कल सुबह (रविवार) बाबा अपने भक्तों को दूल्हा स्वरूप में दर्शन देंगे.
आज भगवान भोलेनाथ का विवाह
आपको बता दें कि आज भगवान भोलेनाथ का विवाह है. भस्मारती के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में आते हैं यानी महाकाल से भोलेनाथ बनते हैं, जहां आज बाबा महाकाल का विवाह माता पार्वती के साथ होगा.
होगी साल में एक बार होने वाली भस्मारती
रविवार को बाबा महाकाल की साल में एक बार होने वाली आरती की जाएगी और बाबा पुनः साकार से निराकार स्वरूप धारण करेंगे. आपको बता दे कि प्रशासन ने इस बार 10 से 15 लाख दर्शनार्थियों के आने की संभावना जताते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं.
महाकाल लोक बनने के बाद भक्तों की संख्या में इजाफा
गौरतलब है कि महाकाल लोक बनने के बाद बाबा के भक्तों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. दिन प्रतिदिन बाबा के भक्त देश-विदेश से उनकी एक झलक पाने के लिए पहुंच रहे हैं. ऐसे में महाशिवरात्रि पर्व 10 से 15 लाख दर्शनार्थी बाबा के दर्शन हेतु पहुंच सकते हैं.
संदीप कुलश्रेष्ठ