देश के 20 से ज्यादा राज्यों में 4500 पौधे लगा चुका मोदी सरकार का एक मंत्री, 4 साल से लगातार जारी है अभियान

केंद्रीय मंत्री ने लोगों से जन्मदिन और वर्षगांठ जैसे अवसरों पर पेड़ लगाने की शपथ लेने का आग्रह किया है. मंत्री अब तक देश के 20 से अधिक राज्यों में 4,500 से अधिक पौधे लगा चुके हैं. 

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अब तक साढ़े चार हजार से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं. अब तक साढ़े चार हजार से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं.

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 19 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले चार साल के भीतर 4 हजार 500 से अधिक पौधे रोप चुके हैं. उन्होंने लोगों से जन्मदिन और वर्षगांठ जैसे अवसरों पर पेड़ लगाकर पर्यावरण को बचाने का आह्वान किया.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, आज मैंने पौधे लगाने के चार साल पूरे कर लिए हैं. पर्यावरण को बचाने, मिट्टी के कटाव को रोकने, पानी और जीवन को बचाने के लिए पेड़ लगाना बहुत जरूरी है. यह संकल्प अब जन आंदोलन बन रहा है. 

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19 फरवरी 2021 को शिवराज ने प्रतिदिन पौधे लगाने का संकल्प लिया था. उन्होंने अपनी पत्नी साधना सिंह चौहान के साथ नर्मदा नदी के तट पर अमरकंटक में पहला पौधा लगाया था.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि जब तक मैं जीवित हूं, यह आंदोलन जारी रहेगा. यह पर्यावरण को बचाने का एक बड़ा अभियान बन सकता है.

शिवराज के पौधरोपण संकल्प को आज 4 वर्ष पूरे हो गए.

चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का भी जिक्र किया और कहा, भारत पर्यावरण को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है…पीएम मोदी एक दूरदर्शी नेता हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचते हैं, इसलिए उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ का आह्वान किया.

शिवराज  ने कहा, ''पर्यावरण को बचाना एक पवित्र उद्देश्य है,'' और लोगों से जन्मदिन और वर्षगांठ जैसे अवसरों पर पेड़ लगाने की शपथ लेने का आग्रह किया. मंत्री ने अब तक देश के 20 से अधिक राज्यों में 4,500 से अधिक पौधे लगाए हैं. 

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एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान इस पहल के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को जल सखियों के साथ छतरपुर के जटाशंकर धाम में पौधे लगाएंगे. 

बता दें कि जल सखियां प्रशिक्षित समुदाय के सदस्य हैं जो पानी की गुणवत्ता की जांच करते हैं और लोगों को जल संरक्षण और स्वच्छता के बारे में शिक्षित करते हैं. 

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